मध्यप्रदेश

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

भोपाल 

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लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह एवं विभाग के प्रमुख सचिव  सुखवीर सिंह के निर्देशानुसार प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण व्यवस्था के तहत 5 सितंबर को सात जिलों में 35 निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। मुख्य अभियंताओं के सात दलों ने विदिशा, बालाघाट, मुरैना, झाबुआ, मैहर, नीमच एवं निवाड़ी जिलों में यादृच्छिक आधार पर चयनित कार्यों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण किए गए कार्यों में लोक निर्माण विभाग के सड़क एवं पुल संबंधी 21, पीआईयू के चार भवन, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के छह, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के तीन तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित एक कार्य शामिल है। औचक निरीक्षण रिपोर्ट की समीक्षा मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक  भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई।

अधिकारियों को नोटिस, ठेकेदार के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई

विदिशा जिले में चटोली मुख्य सड़क से हबीबगंज-कैथोरा तक चार किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं उपयंत्री को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ठेकेदार मेसर्स अनादि कंस्ट्रक्शन कंपनी, सिरोंज के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई करने के निर्देश मुख्य अभियंता, भोपाल को दिए गए।

विदिशा जिले के नटेरन में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्माणाधीन शासकीय एक्सीलेंस हाई स्कूल भवन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं पाई गई। संबंधित कंसल्टेंट, इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर एवं आर्किटेक्ट को नोटिस जारी करने तथा ठेकेदार मेसर्स एसेंट कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

इसी प्रकार, 20 अगस्त को नरसिंहपुर जिले में निरीक्षण किए गए मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के करेली-सिंहपुर-डांगीढाना मार्ग की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर ठेकेदार मेसर्स गैनन डंकरली एंड कंपनी लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट करने और राशि राजसात करने के निर्देश मुख्य अभियंता, एमपीआरडीसी को दिए गए। निरीक्षण किए गए अन्य 23 कार्यों में पाई गई कमियों को दूर करते हुए आवश्यक आंशिक सुधार निर्धारित समय-सीमा में कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

लोकपथ की शिकायतों का चार दिन में हो निराकरण

प्रबंध संचालक  यादव ने औचक निरीक्षण में सामने आई कमियों को समय-सीमा में दूर कराने और मुख्य अभियंता कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ एल-1 स्तर पर निराकरण कराने तथा मुख्य अभियंताओं एवं अधीक्षण यंत्रियों को इसकी नियमित समीक्षा करने को कहा। लोकपथ ऐप पर प्राप्त शिकायतों का निराकरण अनिवार्य रूप से चार दिवस में करने के निर्देश भी दिए गए।

वर्षाकाल में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को दें प्राथमिकता

सड़क मरम्मत के साथ सड़क सुरक्षा, जंगल सफाई, रोड मार्किंग एवं पेंटिंग के कार्य समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सड़क एवं पुल-पुलियों के आवश्यक संधारण, वर्षाकाल में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तथा चिन्हित ब्लैक स्पॉट के शॉर्ट टर्म एवं लॉन्ग टर्म सुधार कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा गया। परफॉर्मेंस गारंटी वाले कार्यों की कार्ययोजना तैयार कर वर्षाकाल समाप्त होते ही कार्य प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में विभागीय परिसंपत्तियों से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी तत्काल इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम में दर्ज करने, एमपीआरडीसी के एआरएस सिस्टम के सूचना बोर्ड लगाने, सेफ स्कूल जोन मॉडल के प्रस्ताव भेजने तथा लोक कल्याण सूचकांक पोर्टल पर विभागीय जानकारी नियमित रूप से अद्यतन करने के निर्देश दिए गए। लोक कल्याण सरोवर एवं पौधारोपण के नवीन लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने को भी कहा गया।

इसके अतिरिक्त बिटुमिन के बिलों का संबंधित रिफाइनरी के पोर्टल पर सत्यापन, जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों पर समयबद्ध कार्रवाई तथा औचक निरीक्षण व्यवस्था की गंभीरता एवं प्रभावशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। आगामी 15 सितंबर को आयोजित होने वाले अभियंता दिवस की सभी तैयारियां भी समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा गया।

 

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