भारत

भारत सरकार ने तीन बड़े वैज्ञानिक मिशनों – गगनयान, समुद्रयान और चंद्रयान-4 की लॉन्चिंग की तारीखों का किया ऐलान

नई दिल्ली
भारत सरकार ने तीन बड़े वैज्ञानिक मिशनों – गगनयान, समुद्रयान और चंद्रयान-4 की लॉन्चिंग की तारीखों का ऐलान कर दिया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि गगनयान और समुद्रयान मिशन साल 2026 में और चंद्रयान-4 मिशन 2027 में लॉन्च किया जाएगा।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

चंद्रयान-4 मिशन: चांद से पहली बार सैंपल लाने की तैयारी
इससे पहले भारत चंद्रयान-1, चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च कर चुका है। चंद्रयान-3 ने 2023 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग की थी। अब चंद्रयान-4 मिशन का मकसद चांद की सतह से मिट्टी और चट्टानों के सैंपल इकट्ठा कर उन्हें पृथ्वी पर लाना है।

इस मिशन को दो भारी-भरकम LVM-3 रॉकेट के जरिए भेजा जाएगा।
इसमें कुल 5 अलग-अलग मॉड्यूल होंगे जो इसरो के वैज्ञानिकों को चंद्रमा की सतह का गहराई से अध्ययन करने में मदद करेंगे।

गगनयान मिशन: पहली बार भारतीयों की अंतरिक्ष यात्रा
गगनयान भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन है। इस मिशन में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा तक भेजा जाएगा और फिर उन्हें सुरक्षित वापस लाया जाएगा।

गगनयान का पहला मानव रहित मिशन इसी साल 2024 में लॉन्च होगा।
इस मिशन में रोबोट ‘व्योममित्र’ शामिल होगा जो अंतरिक्ष में वैज्ञानिक प्रयोग करेगा।
भारत में तीसरा लॉन्च पैड बनाया जा रहा है और छोटे सैटेलाइट्स के लिए तमिलनाडु के तूतीकोरिन में एक नया लॉन्च स्टेशन भी तैयार किया जा रहा है।

समुद्रयान मिशन: महासागर की गहराइयों में खोज
भारत अब अंतरिक्ष के बाद समुद्र की गहराइयों में भी खोज करने जा रहा है। समुद्रयान मिशन के तहत तीन वैज्ञानिकों को 6,000 मीटर की गहराई तक समुद्र में भेजा जाएगा।

यह मिशन दुर्लभ खनिज, कीमती धातु और नई समुद्री जैव विविधता खोजने में मदद करेगा।
यह मिशन भारत के पर्यावरण संतुलन और आर्थिक विकास के लिए बहुत फायदेमंद होगा।

भारत के लिए क्यों खास हैं ये तीन मिशन?
चंद्रयान-4 से भारत पहली बार चांद की मिट्टी और चट्टानों के सैंपल लाकर उनका गहराई से अध्ययन करेगा।
गगनयान से भारत अंतरिक्ष में इंसान भेजने वाले देशों (अमेरिका, रूस और चीन) की लिस्ट में शामिल हो जाएगा।
समुद्रयान से समुद्र की गहराइयों में मौजूद खनिज और संसाधनों की जानकारी मिलेगी जिससे देश को आर्थिक रूप से लाभ होगा।

अंत में बता दे कि ये तीनों मिशन भारत को विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में और आगे ले जाएंगे और देश के विकास में बड़ा योगदान देंगे।

 

Related Articles

Back to top button