मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में बारिश के चलते 2 दिन की छुट्टी घोषित

नरसिंहपुर 

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प्रदेश में बारिश जोर पकड़ चुकी है। जहां किसानों और पर्यटकों को राहत मिली है, तो वहीं जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है। कहीं रेलवे ट्रैक बह गया तो कहीं स्कूल के रास्ते जलमग्र हो गए। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए प्रदेश में अति भारी बरसात का अलर्ट जारी किया। एमपी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन रहा है जिससे कारण गरज चमक और तेज आंधी- तूफान के साथ जोरदार बारिश की संभावना है।

आईएमडी ने 4 जुलाई को 7 और 5 जुलाई को 14 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से तबाही मची हुई है। हालांकि, प्रदेश के किसानों और यहां आने वाले पर्यटकों को राहत मिली है, तो वहीं जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है। कहीं रेलवे ट्रैक बह गया तो कहीं, स्कूल के रास्ते जलमग्न हो गए।

बह गया रेलवे ट्रैक, भाजपा नेता की शिकायत

मुरैना के कैलारस कस्बे से होकर जा रहे ग्वालियर श्योपुर ब्रॉडगेज रेलवे ट्रैक की मिट्टी पिछले दिनों तेज बारिश से बह गई, जिससे ट्रैक में दरारें आने लगीं। वहीं रेलवे ट्रैक का पानी आसपास बस्तियों में भर गया, जिससे स्थानीय लोगों को जलभराव की मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। भाजपा नेता राजेंद शुक्ला ने झांसी रेल मंडल के डीआरएम से शिकायत की तो डिप्टी इंजीनियर अपनी टीम के साथ गुरुवार को कैलारस आए। उन्होंने निरीक्षण कर सुधार का आश्वासन दिया।

बारिश के कारण अंगूरी नदी का जलस्तर बढ़ गया है, इस वजह से नरेटा गांव के स्कूल जाने वाले 70 बच्चों के स्कूल तक पहुंचने में बाधा उत्पन्न हो रही है। दतिया ब्लॉक के नरेटा गांव के 70 बच्चे भांडेर तहसील के तगा ग्राम के पीएमश्री स्कूल में पढ़ते है। दरअसल गांव और स्कूल के बीच नदी पर पुल या रपटा नहीं है, इस वजह से बच्चों को नदी पार करके स्कूल जाना पड़ता है।

नदी पर पुल बनाने की मांग लंबे समय से हो रही है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नदी पर पुल बनाए जाने को लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को पत्र लिखा है। नदी को पार कर कर स्कूल पहुंचने में बच्चों को मात्र एक किमी की दूरी तय करनी पड़ती है, जबकि दूसरे रास्ते से होकर जाने में बच्चों को सात से आठ किमी चलना पड़ता है। यह रास्ता हाईवे से होकर जाता है, जिससे बच्चों के अभिभावक परहेज करते हैं।

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