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बांग्लादेश महिला क्रिकेट में विवाद: जहानारा आलम ने कप्तान निगार सुल्ताना पर जूनियर्स को पीटने का आरोप लगाया

ढाका 

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बांग्लादेश महिला टीम की अनुभवी तेज गेंदबाज जहानारा आलम ने टीम की कप्तान निगार सुल्ताना जोती (Nigar Sultana Joty) पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि न‍िगार जूनियर खिलाड़ियों को मारती हैं. हालांकि, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. 

आलम ने पिछले साल दिसंबर में आयरलैंड के खिलाफ अपना आखिरी मैच खेला था. उन्होंने यह बयान बांग्लादेश के दैनिक अखबार कालेर कंठो (Kaler Kantho) को दिए एक इंटरव्यू में दिया है. आलम ने कहा- यह कोई नई बात नहीं है, वो जूनियर्स को काफी मारती हैं. 

उन्होंने आगे बताया- यहां तक कि इस वर्ल्ड कप के दौरान भी जूनियर्स ने मुझसे कहा नहीं, मैं यह फिर नहीं करूंगी, वरना मुझे फिर थप्पड़ खाना पड़ेगा.  कुछ लोगों ने बताया कि मुझे कल मारा गया. दुबई दौरे के दौरान भी उसने एक जूनियर को कमरे में बुलाकर थप्पड़ मारा था. 

32 वर्षीय जहानारा आलम ने बांग्लादेश के लिए 52 वनडे में 48 और 83 टी20 मैचों में 60 विकेट लिए हैं. उन्होंने कहा टीम टीम का माहौल पिछले कुछ वर्षों में और खराब हो गया है, जिसके चलते उन्होंने अपनी मानसिक सेहत के लिए क्रिकेट से दूर होने का फैसला किया था. 

उन्होंने कहा- असल में मैं अकेली नहीं हूं, बांग्लादेश टीम में लगभग हर कोई किसी न किसी रूप में पीड़ित है, हर किसी की तकलीफ अलग है, यहां एक या दो खिलाड़ियों को ही बेहतर सुविधाएं मिलती हैं, और कुछ मामलों में तो सिर्फ एक खिलाड़ी को ही सबकुछ दिया जाता है. 

बांग्लादेश क्रिकेट ने थप्पड़कांड पर क्या कहा?
जहानआरा आलम ने साल 2021 में कोविड के बाद शुरू हुए कैम्प के दौरान मुझ जैसे सीनियर खिलाड़ियों को हटाने का प्रोसेस शुरू क‍िया था, तब मुझे बांग्लादेश की 3 टीमों से एक एक की कप्तान बनाया गया था,  बाकी दो टीमों की कप्तान जोती (निगार सुल्ताना) और शारमिन सुल्ताना थीं. तभी से सीनियर खिलाड़ियों पर दबाव बनना शुरू हो गया था.  

हालांकि, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने इन आरोपों को तुरंत खारिज करते हुए इन्हें “बेसिर-पैर और दुर्भाग्यपूर्ण” बताया है.  बीसीबी ने अपने बयान में कहा, “बोर्ड इन आरोपों को सिरे से खारिज करता है, ये बेबुनियाद, मनगढ़ंत और पूरी तरह झूठे हैं. 

बयान में आगे कहा गया, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे अपमानजनक और विवादित दावे उस समय किए गए हैं जब बांग्लादेश महिला टीम इंटरनेशनल लेवल पर शानदार प्रदर्शन और एकजुटता दिखा रही है. जांच में इन आरोपों का सपोर्ट करने वाला कोई सबूत नहीं मिला है. 

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