भारत

23-26 अक्टूबर: मानसून की तूफानी वापसी, इन 4 राज्यों में भारी बारिश; स्कूलों को किया गया बंद

नई दिल्ली 
23 से 26 अक्टूबर तक कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है। पूर्वोत्तर मानसून की सक्रियता के चलते तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश समेत कई दक्षिणी राज्यों में बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों में छुट्टियां घोषित की गई हैं और प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। आइए जानें इस मौसमी स्थिति के बारे में विस्तार से।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

 दक्षिणी भारत में पूर्वोत्तर मानसून ने अपनी पूरी ताकत दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से बाधित कर दिया है। बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है और धान की फसलें जलमग्न हो गई हैं। मौसम विभाग (IMD) ने तमाम प्रभावित इलाकों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए हाई अलर्ट मोड में सभी विभागों को सतर्क रहने को कहा है।

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में बारिश का कहर जारी है, जहां सुरक्षा को देखते हुए सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। चेन्नई के अलावा तंजावुर, तिरुवारुर, नागपट्टिनम, कडलूर, विलुपुरम, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और कारैकल जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। बुधवार को इन इलाकों में भारी वर्षा दर्ज की गई। केमबरमबक्कम, पुझल (रेड हिल्स) और पूंडी बांध से अतिरिक्त जल निकासी की जा रही है ताकि शहर में बाढ़ की स्थिति न बन सके। चेन्नई नगर निगम ने राहत कार्यों को मजबूत करते हुए 106 राहत रसोईयों की व्यवस्था की है।

ओडिशा भी भारी बारिश की मार झेल रहा है, जहां अगले चार दिनों तक गरज-चमक के साथ तेज आंधी-तूफान के आसार जताए गए हैं। मौसम विभाग ने बताया कि यह अचानक मौसम में बदलाव दो लगातार बन रहे निम्न दबाव क्षेत्रों की वजह से हो रहा है। पुरी, खोरधा, नयागढ़, गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, कंधमाल, कालाहांडी और नबरंगपुर जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। वहीं, आंध्र प्रदेश के तिरुपति में बुधवार को हुई जोरदार बारिश से कई सड़कों पर दो से तीन फुट तक पानी जमा हो गया। प्रकाशम, नेल्लोर, कडप्पा, अन्नमय्या, तिरुपति और चित्तूर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है और राज्य आपदा प्रबंधन बल (SDRF) को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

वहीं, दूसरी ओर पहाड़ी इलाकों में ठंड का असर बढ़ता जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति और मनाली में बर्फबारी हुई है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। लाहौल-स्पीति के टैबो में न्यूनतम तापमान माइनस 0.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे ठंडा स्थान है। हिमाचल के विभिन्न इलाकों में हल्की बारिश भी हुई है। मनाली में 12 मिमी, भरमौर में 11.5 मिमी, कीलॉन्ग में 6 मिमी, भुंतर में 3.6 मिमी, सेओबाग में 4 मिमी, पलमपुर में 2 मिमी और कुकुमसेरी में 1.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।

Related Articles

Back to top button