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PMAY के तहत आत्मसमर्पित नक्सल पीड़ित 38 परिवारों को मिलेगा पक्का मकान, मिलेगी मूलभूत सुविधाएं

PMAY के तहत आत्मसमर्पित नक्सल पीड़ित 38 परिवारों को मिलेगा पक्का मकान, मिलेगी मूलभूत सुविधाएं

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विकास की मुख्यधारा में जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर, मिलेगा सभी सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ-कलेक्टर दुदावत

नक्सल पीड़ित परिवारों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए शासन प्रतिबद्ध

अब इन परिवारों को मिलेगा स्थायित्व और सम्मान-विधायक अटामी

दंतेवाड़ा
गीदम विकासखंड के ग्राम पंचायत झोडि़याबाड़म में आज एक ऐतिहासिक पहल के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 38 आत्मसमर्पित, नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए पक्के मकानों का भूमिपूजन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सरपंच सहित कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि पंचायत झोडि़याबाड़म अन्तर्गत 11 हेक्टेयर की भूमि में आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सली पीड़ित परिवारों के लिए मूलभूत सुविधा युक्त मॉडल स्वरूप में आवासीय पक्के मकान बनाए जाएगें।

इस अवसर पर आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में क्षेत्र के विधायक चैतराम अटामी द्वारा विधि विधान से भूमि की पूजा कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने अपनी बात रखते हुए इस योजना को क्षेत्र के विकास और शांति स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक ने कहा, “यह हम सबके लिए खुशी का अवसर है कि बांगापाल और कारली ग्रामों के आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सली पीड़ित परिवारों के 38 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पक्के मकान मिल रहे हैं। यह न सिर्फ एक घर है, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का प्रतीक भी है। मौके पर ”विधायक ने सभी लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिलने पर शुभकामनाएं देते हुए सरकार का आभार प्रकट किया। इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने कहा कि “देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री का यह सपना है कि हर गरीब को उसका पक्का घर मिले।

आज जो मकान इन पीड़ित परिवारों को दिए जा रहे हैं, वह उनके जीवन में स्थिरता, सम्मान और सुरक्षा की भावना को और मजबूत करेंगे।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने इस दौरान कहा कि माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, आत्मसमर्पित नक्सल पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए यह पहल की गई है। उन्होंने बताया,“जिस दिन कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण करता है, उसी दिन से उसे शासन की समस्त योजनाओं का लाभ देने की व्यवस्था की जा रही है।

इनमें राशन कार्ड, आधार कार्ड, मनरेगा कार्ड, बस पास, श्रम कार्ड पंजीयन, कौशल विकास, आयुष्मान कार्ड जैसी आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं।  कलेक्टर ने यह भी बताया कि इन 38 पक्के मकानों को ग्राम झोडि़याबाड़म में एक मॉडल क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन मकानों के साथ-साथ आजीविका के साधनों के लिए मुर्गी पालन, बकरी पालन, सूकर पालन एवं सब्जी उत्पादन हेतु अलग से भूमि प्रदान की जाएगी। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, जनपद पंचायत सीईओ बलराम ध्रुव सहित अन्य अधिकारी ओर प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही मौजूद थे।

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