मध्यप्रदेश

MP : मऊगंज में बवाल, प्रशासन ने लगा दी धारा 163, BJP विधायक नजरबंद

मऊगंज

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 मऊगंज जिले के देवरा गांव में मंगलवार को एक मंदिर परिसर पर अतिक्रमण को लेकर दो समूहों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें पांच से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि झड़प के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक झोपड़ी में भी आग लगा दी। यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक समूह ने कथित रूप से मंदिर परिसर में अतिक्रमण कर बनाई गई दीवार को गिरा दिया।

दो पुलिसकर्मी समेत 5 घायल

पुलिस के मुताबिक, इस दौरान गांव में तनाव बढ़ गया और दोनों समूहों के बीच पथराव हुआ। इस हिंसा में दो पुलिसकर्मियों समेत पांच लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। विवाद में बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल का भी नाम सामने आया है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया, क्योंकि वह घटना के बाद अपने समर्थकों के साथ देवरा गांव पहुंचे थे। इसके बाद स्थिति को काबू में लाने के लिए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मऊगंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रसना ठाकुर ने बताया कि विधायक को रीवा स्थित पुलिस के सामुदायिक हॉल में नजरबंद कर दिया गया है और शांति बनाए रखने के लिए गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सभी प्रयासों के बावजूद, गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

अतिक्रमण हटाने को लेकर दो समूहों में विवाद
उनका कहना है कि सभी प्रयासों के बावजूद, गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि देवरा गांव में महादेवन मंदिर परिसर से अतिक्रमण (दीवार) हटाने को लेकर दो समूहों के बीच हुए विवाद में पथराव के बाद पांच लोग घायल हो गए. रसना ठाकुर ने बताया कि घायल होने वालों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.

जानकारी के अनुसार, हिंदू नेता संतोष तिवारी ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने की मांग की थी, लेकिन दो दिन तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार शाम करीब चार बजे जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचने का फैसला किया. इसके बाद बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल भी वहां पहुंचे और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए खुद ही अतिक्रमण हटाने की घोषणा की.

विधायक पटेल का कहना था कि चार महीने पहले उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था और कलेक्टर ने उन्हें आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कुछ भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई.

 

 

 

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