हमर छत्तीसगढ़

कलेक्टर की पहल: बच्चों को मिला जाति प्रमाण पत्र, चेहरे पर आई मुस्कान

बैकुण्ठपुर/कोरिया

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जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने आज बच्चों के जीवन में नई उम्मीद की किरण जगाई। सोनहत विकासखंड के प्राथमिक शाला महुआपारा और मझारटोला के बच्चों को कलेक्टर कार्यालय में जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर कलेक्टर ने बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं और सपनों को प्रोत्साहित किया।

कक्षा पहली, दूसरी और पांचवीं में अध्ययनरत राजकिशोर सिंह, कुमारी स्मृति और अजय कुमार जब कलेक्टर से मिले, तो उनकी मासूमियत और सादगी ने सभी का दिल जीत लिया। कलेक्टर ने मुस्कुराते हुए पूछा, "बच्चों, आप लोगों का नाम क्या है? और आपको यहां क्यों बुलाया गया है?" मास्टर अजय ने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया, "हमें जाति प्रमाण पत्र देने के लिए बुलाया गया है' और तीनों बच्चों ने नाम व कक्षा भी बताया।

प्रशासन की त्वरित कार्यवाही
प्रशासन की इस पहल से बच्चों के अभिभावक बेहद खुश हैं। लंबे समय से लंबित जाति प्रमाण पत्र अब बच्चों को मिल रहे हैं, जिससे उनकी शिक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का रास्ता आसान हो गया है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, एसडीएम राकेश साहू, जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने बच्चों को न केवल प्रमाण पत्र दिए, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित भी किया।

प्रेरणादायक माहौल
कलेक्टर कार्यालय का माहौल आज एक विशेष उत्सव जैसा था। बच्चों की हंसी और उनकी सरल बातें वहां मौजूद सभी अधिकारियों के चेहरों पर मुस्कान ले आईं। यह कार्यक्रम न केवल प्रशासनिक कार्यवाही का उदाहरण है, बल्कि संवेदनशीलता और जनसरोकार का भी प्रतीक है।

अभिभावकों की प्रतिक्रिया
एक बच्चे के पिता ने कहा, "हमने कभी नहीं सोचा था कि इतने छोटे बच्चों के साथ कलेक्टर स्वयं संवाद करेंगे। यह दिन हमारे लिए अविस्मरणीय रहेगा।"

जिला प्रशासन लगातार आम लोगों की समस्याओं को सुन रहे हैं साथ ही निराकरण भी कर रहे हैं। निश्चित ही इस तरह के त्वरित प्रयास से प्रशासन पर भरोसा और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

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