मध्यप्रदेश

सांस्कृतिक पहचान और गौरव की प्रतीक है हिंदी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्व हिंदी दिवस, सांस्कृतिक पहचान और गौरव की प्रतीक हिंदी भाषा के वैश्विक जय घोष के विचारों को आत्मसात करने का दिन है । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व हिंदी दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने हिंदी भाषा के रूप में मिली विरासत को और अधिक समृद्ध करने के लिए संकल्पित होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का प्रदेशवासियों से आव्हान किया है।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में कहा कि हिन्दी दिवस अपने आप में विशेष है। अब हिन्दी, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। संपूर्ण विश्व में हिन्दी का महत्व तथा लोगों की हिन्दी के प्रति रूचि बढ़ी है। यूरोप हो या चीन सभी देश नई तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए अनुवाद के माध्यम से हिन्दी तक अपनी पहुंच बना रहे हैं, यह हम सब के लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है।

मध्यप्रदेश में बोली जाती है सर्वाधिक हिन्दी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में उपयोग में आने वाली हिन्दी, सर्वाधिक शुद्ध बोली जाने वाली हिन्दी है। बोलने, समझने और लेखन की दृष्टि से मध्यप्रदेश की हिन्दी का विशेष महत्व है। इसी का परिणाम है कि हिन्दी के संदर्भ में मध्यप्रदेश की देश में अपनी अलग पहचान है।

 

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