भारत

तमिलनाडु में ट्रेन के 5 डिब्बे पटरी से उतरे, लोको पायलट की सूझबूझ से टला हादसा

चेन्नई
तमिलनाडु में मंगलवार सुबह बड़ा ट्रेन हादसा होते-होते बचा। पुडुचेरी जा रही एक MEMU (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतर गए। अधिकारी ने बताया कि विल्लुपुरम के पास यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि एक बड़ा हादसा टल गया क्योंकि लोको पायलट ने इसे देख लिया और तुरंत ट्रेन रोक दी। इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है और तीन घंटे के भीतर ट्रेनों की आवाजाही बहाल कर दी गई। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेन के पटरी से उतरने का कारण पता चल सकेगा। इस घटना के जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

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लगभग 500 यात्रियों को लेकर विल्लुपुरम-पुडुचेरी ट्रेन जब सुबह 5.25 बजे विल्लुपुरम से रवाना हुई। ट्रेन एक मोड़ पार कर रही थी, तभी उसके डिब्बे पटरी से उतर गए और लोको पायलट ने तुरंत ट्रेन को रोक दिया। इस तरह लोको पायलट की सूझबूझ के चलते बड़ा हादसा होने से टल गया। इस दुर्घटना के कारण विल्लुपुरम मार्ग पर सुबह 8.30 बजे तक ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं। विल्लुपुरम-पुडुचेरी एमईएमयू एक छोटी दूरी की ट्रेन है जो करीब 38 किलोमीटर की दूरी तय करती है।
घने कोहरे के चलते थमी रफ्तार

गौरतलब है कि ठंड में घने कोहरे के चलते ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा है। अगर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां मंगलवार की सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता शून्य हो गई और रेलगाड़ियों का परिचालन बाधित हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, सुबह छह बजे तक कुल 39 ट्रेन देरी से चल रही थीं। कुछ ट्रेन 30 मिनट की देरी से चल रही थीं, जबकि कुछ ट्रेन चार घंटे तक की देरी से चल रही थीं। आईएमडी के अनुसार, भारतीय समयानुसार सुबह 4:30 बजे से पालम में दृश्यता शून्य हो गई। छह-आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दक्षिण-पूर्वी हवाएं चल रही हैं। सफदरजंग में सुबह साढ़े पांच बजे से घने कोहरे के कारण दृश्यता न्यूनतम 50 मीटर तक सीमित रही और हवा की गति बेहद धीमी थी।

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