ग्वालियरमध्यप्रदेश

नर्सिंग घोटाले की तरह ही एक और मामला सामने आया है, सिर्फ कागजों में कॉलेज चल रहा था, जांच की लटकी तलवार

ग्वालियर
मध्य प्रदेश के चर्चित नर्सिंग घोटाले की तरह ही एक और मामला सामने आया है, जहां सिर्फ कागजों में कॉलेज चल रहा था. जांच से पता चला कि असल में उस पते पर कोई कॉलेज है ही नहीं. ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त झुंडपुरा के शिव शक्ति कॉलेज में फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद अब इससे संबंधित 750 निजी कॉलेज भी जांच के दायरे में आ गए हैं.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों को राजस्व की टीम से कॉलेज का फिजिकल वेरिफिकेशन करके दो सप्ताह रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं. इस जांच से ऐसे कॉलेजों के बारे में खुलासा हो सकता है जो सिर्फ कागजों पर मौजूद हैं. माना जा रहा है कि इस जांच में नर्सिंग घोटाले की तरह ही फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है.

फर्ज़ी रूप से हो रहा था संचालित
मुरैना के झुंडपुरा में शिवशक्ति कॉलेज जो कि फर्ज़ी रूप से संचालित हो रहा था. इस मामले में जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अविनाश तिवारी और राजस्थान के बांसवाड़ा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. केएस ठाकुर सहित 17 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है .

हर साल दी जा रही थी मान्यता
मामला एक शिकायत के माध्यम से सामने आया. जांच में पाया गया कि जीवाजी यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त शिव शक्ति कॉलेज का कोई अस्तित्व नहीं था. फिर भी कागजों पर इसका निरीक्षण करके हर साल मान्यता दी जा रही थी. जबकि दिए हुए पते पर कॉलेज था ही नहीं. इसके साथ-साथ फर्जी रूप से कॉलेज से बच्चों को स्कॉलरशिप भी दी जा रही थी. पूरे मामले के सामने आने के बाद आशंका जताई जा रही है कि शिव शक्ति की तरह और भी फर्जी कॉलेज हो सकते हैं जो सिर्फ कागजों पर खुले हैं और जिनके नाम पर फर्जीवाड़ा और पैसे की लूट हो रही है.

Related Articles

Back to top button