मध्यप्रदेश

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में अब तक 7 हजार 14 उपभोक्‍ताओं के खातों में पहुंची 54 करोड, 62 लाख से अधिक की सब्सिडी

भोपाल
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने क्षेत्रान्तर्गत आने वाले भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के जिलों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक कुल 8 हजार 170 उपभोक्‍ता पंजीकृत हुए हैं। इनमें से 7 हजार 14 उपभोक्‍ताओं को 54 करोड, 62 लाख 59 हजार रूपये की राशि सब्सिडी के रूप में उनके खातों में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उपरांत विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर योजना प्रारंभ की गई है। लोगों को इस योजना का लाभ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रदान किया जा रहा है। प्रबंध संचालक ने कहा कि इस योजना के तहत एक किलोवाट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवाट सोलर संयन्त्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवाट या उससे ऊपर 10 किलोवॉट तक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

गौरतलब है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2024 को हुआ था। तब से लेकर अब तक हजारों बिजली उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा गया है। योजना में शामिल होने के लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट https://www.pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट www.portal.mpcz.in अथवा उपाय एप, वॉट्सएप चेटबॉट व टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

प्रबंध संचालक ने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। गौरतलब है कि 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्‍ता को प्रदान किए जाएंगे। इससे उपभोक्‍ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी आयेगी। प्रबंध संचालक ने यह भी निर्देश दिए कि जिन रूफटॉप सोलर प्लांट में नेट मीटर के साथ मोडेम व सिम लगे होने के बाद भी अगर डाटा कम्युनिकेशन का अभाव है तो संबंधित सोलर वेंडर को नोटिस जारी किया जाए और कम्युनिकेशन फिर भी स्थापित न होने की अवस्था में वेंडर पर सख्त कार्रवाई की जाए।

 

Related Articles

Back to top button