मध्यप्रदेश

2600 रूपये के समर्थन मूल्य पर अब 15 मार्च से उपार्जित किया जायेगा गेहूं : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल

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खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम् में 01 मार्च से तथा शेष संभाग में 17 मार्च से खरीदी के निर्णय में बदलाव करते हुये राज्य सरकार ने किसानों की मांग पर पूरे प्रदेश में एक साथ 15 मार्च से ही खरीदी करने का निर्णय लिया है। राजपूत ने बताया कि वर्तमान में गेहूं की फसल कटाई पूर्ण नहीं होने तथा मंडियों में आ रहे गेहूं में समर्थन मूल्य उपार्जन हेतु भारत सरकार द्वारा निर्धारित नमी के प्रतिशत से अधिक होने के कारण किसानों को असुविधा से बचाने यह निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। विगत वर्षों में भी समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन 15 मार्च के बाद ही प्रारम्भ किया जाता रहा है।

किसानों को मध्यप्रदेश सरकार देगी 175 रूपये बोनस

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2025-26 में भारत सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में 150 प्रति क्विंटल की वृद्धि करते हुए 2425 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली किसान हितैषी प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं उत्पादक किसानों के हित में बडा और ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए समर्थन मूल्य 2425 रूपये के अतिरिक्त 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा की गई है। राजपूत ने बताया कि राज्य के किसानों से 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की जायेगी। खाद्य मंत्री ने किसानों के हित में लिये गये इस बड़े निर्णय के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताते हुये इसे खेती को लाभ का धंधा बनाने की ओर सरकार द्वारा उठाये जा रहे कदमों का एक हिस्सा बताया है।

80 लाख टन गेहूं उपार्जन अनुमानित

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में लगभग 80 लाख मे. टन गेहूं उपार्जन अनुमानित है। इस उपार्जन पर समर्थन मूल्य की राशि 19,400 करोड़ रूपये तथा बोनस की राशि 1400 करोड़ रूपये का किसानों को भुगतान किया जाना संभावित है।।

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