मध्यप्रदेश

महिलाओं के जीवन यापन के लिए पर्यटन क्षेत्र रोजगार का मुख्य साधन बनकर उभर रहा

⁠अनूपपुर
महिलाओं के जीवन यापन के लिए पर्यटन क्षेत्र रोजगार का मुख्य साधन बनकर उभर रहा है। ग्रामीण पर्यटन से लेकर होटल प्रबंधन और हस्तशिल्प कला तक, मध्य प्रदेश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उपयोग कर रोजगार भी पा रही है एवं पर्यटन बढ़ाने के महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा रही है।

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इस मौके पर प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग और प्रबंध संचालक म.प्र. टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि “नारी सिर्फ प्रेरणा नहीं, परिवर्तन की पहचान है। पर्यटन के क्षेत्र में महिलाएं अपनी क्षमताओं से नए आयाम स्थापित कर रही हैं, जिससे न केवल उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ रही है, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था भी सशक्त हो रही है।”

ग्रामीण होमस्टे की सफलता की कहानी

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा संचालित ग्रामीण होम स्टे योजना महिलाओ के लिए स्वरोजगार के नये-नये अवसर प्रदान कर रहा है। होमस्टे में ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित मिट्टी के होमस्टे और उनकी खूबसूरत हस्तकला पेंटिंग को पर्यटकों के द्वारा लगातार सरहा जा रहा है एवं होमस्टे ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के मुख्य कारण भी बन कर उभर रहा है।
    
प्रशिक्षित और कुशल महिलाएं

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड महिलाओ को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन परियोजना के तहत 8,300 से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और 50 विभिन्न पर्यटक स्थल पर 36,000 से अधिक महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। इसी कड़ी में 5000 से अधिक महिलाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराए गए, जिसमे जिप्सी चालक और नाव चालक का प्रशिक्षण शामिल है। जिसमे अनूपपुर जिले में 150 से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और 700 से अधिक महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है।  

अमरकंटक नर्मदा महोत्सव में भी दिखा महिला सशक्तिकरण का उदाहरण

मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और जिला प्रशासन के द्वारा पर्यटन स्थल अमरकंटक में 25 टूरिस्ट फैसिलिटेटर गाइड तैयार किये गए जिसमे से प्रशिक्षित 05 महिला टूरिस्ट फैसिलिटेटर गाइडों ने अमरकंटक के विभिन्न दार्शनिक स्थलों में पर्यटकों को बतौर गाइड, स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराई।

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