मध्यप्रदेश

प्रदेश में रुक-रुककर वर्षा का सिलसिला जारी, भोपाल, नर्मदापुरम में बौछारें पड़ने के आसार हैं

भोपाल
अलग-अलग स्थानों पर छह मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से मध्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वर्षा हो रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शनिवार को भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, चंबल, शहडोल संभाग के जिलों में वर्षा होने की संभावना है। इस और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। इसी क्रम में शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक ग्वालियर में 0.8 मिलीमीटर वर्षा हुई। सबसे अधिक 42.5 डिग्री सेल्सियस तापमान खंडवा में दर्ज किया गया।

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मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक रहली में 16.3, मवई में 6.8, पुष्पराजगढ़ में 4.2, जयतपुर में 4.0, बिजुरी में 3.8, जयसिंहनगर में 2.0, वारासिवनी में 1.3, वेकटनगर, नौगांव, अमानगंज,देवरी, सागर में एक मिलीमीटर वर्षा हुई। मुरैना और सागर में ओले गिरे। इस दौरान सागर में सर्वाधिक 65 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं भी चलीं। खंडवा में गर्म रात्रि रही। शनिवार को प्रदेश के कई शहरों में वर्षा होने की संभावना है।

ये मौसम प्रणालियां हैं सक्रिय
पश्चिमी राजस्थान से लेकर पूर्वी राजस्थान से होकर आंध्र प्रदेश तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसके अतिरिक्त एक अन्य द्रोणिका पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश से लेकर झारखंड होते हुए बांग्लादेश तक बनी है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अभी तीन-चार दिन तक मौसम का इस तरह का मिजाज बना रह सकता हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है।

 

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