मध्यप्रदेश

हाउसिंग बोर्ड, T&CP और PWD मेट्रोपॉलिटन रीजन का जिमा संभालेंगे, टाउन एंड कंट्री के प्लानर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे

भोपाल

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का काम अब सिर्फ भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा ही नहीं कराया जाएगा। बीडीए की वित्तीय और तकनीकी तौर पर बदहाल स्थिति को देखते हुए अब टीएंडसीपी, हाउसिंग बोर्ड, पीडब्ल्यूडी को भी इसमें काम करने के निर्देश दिए गए हैं। मेट्रोपॉलिटन रीजन की प्लानिंग टीएंडसीपी की सुनीता सिंह के निर्देशन में होगी। जन-उपयोगी भवन व अन्य निर्माण के लिए हाउसिंग बोर्ड काम करेगा, जबकि क्षेत्रों के आपसी जुड़ाव को बेहतर करने के लिए पीडब्ल्यूडी को प्लानिंग बनाने के लिए कहा गया है।

 गौरतलब है कि, बीडीए के पास प्लानिंग शाखा में कोई नहीं है, जबकि इंजीनियरिंग में अधीक्षण यंत्री स्तर के दो ही इंजीनियर बचे हुए हैं। आउटसोर्स व निजी एजेंसियों से यहां काम कराया जा रहा है। ऐसे में प्रोजेक्ट को पूरी तरह से बीडीए के हवाले नहीं किया गया। मेट्रोपॉलिटन रीजन की तय की जा रही प्लानिंग में भोपाल से पास के जिलों से 2000 हेक्टेयर जमीन निकाली जानी है। भोपाल की बढ़ती आबादी को इसी 2000 हेक्टेयर में नई टाउनशिप में बसाया जाएगा।

मेट्रो प्रस्तावित करेंगे, अभी रोड से ही कनेक्टिविटी

तय प्लानिंग के अनुसार पीडब्ल्यूडी को भोपाल से किनारे जिलों की सड़कों पर प्लानिंग के लिए कहा गया है। करीब 600 किमी लंबाई की सड़कों को लेकर प्लानिंग होगी। सड़कों की चौड़ाई औसतन 24 मीटर करने का कहा गया है। मेट्रोपॉलिटन रीजन वाले क्षेत्र तक ये बनेगी, उसके बाद संबंधित जिले के विभागों का जिमा होगा कि वे आगे कहां तक लेकर जाते हैं।

शासन ने कहा- जनप्रतिनिधियों को दें प्रजेंटेशन
बीडीए मेट्रोपॉलिटन रीजन जैसे महत्वपूर्ण काम की प्लानिंग अपने ही स्तर पर करने की कोशिश कर रहा था। बीडीए ने अपना बजट भी जाहिर नहीं किया। इसकी शिकायत शासन स्तर पर हुई। इसके बाद सीईओ श्यामबीर सिंह और टीम को पूरी प्लानिंग जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर करने का कहा गया।

प्लानिंग किसी एक एजेंसी के जिम्में नहीं- PS
इस संबंध में शहरी आवास एवं विकास के पीएस संजय शुक्ला का कहना है कि, मेट्रोपॉलिटन रीजन की प्लानिंग किसी एक एजेंसी के जिम्में नहीं रखी जाएगी। समग्रता के साथ काम किया जाएगा, जिसका लाभ सबको मिलेगा।

Related Articles

Back to top button