ग्वालियरमध्यप्रदेश

टीकमगढ़ के बड़ागांव में समाज और पंचायत में फरमान जारी कर शराब को हाथ न लगाने का संकल्प लिया

टीकमगढ़

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टीकमगढ़ के बड़ागांव धसान थाना क्षेत्र के हैदरपुर गांव के लोगों ने वह कर दिखाया है जो लाख प्रयासों के बाद जिमेदार भी नहीं कर सके थे। यहां के ग्रामीणों ने दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ ही समाज और पंचायत में फरमान जारी कर शराब को हाथ न लगाने का संकल्प लिया है। इसे पूर्णत: बंद करने का फैसला लेने विधिवत पंचायत बुलाई गई। गांव में बिकने वाली अवैध शराब को बंद कराने के लिए कलेक्टर व एसपी से शिकायत भी की है।

घर-घर जाकर किया जागरूक, पंचायत ने लिया बड़ा निर्णय
जिला मुख्यालय से करीब चालीस किलोमीटर दूर बड़ागांव धसान क्षेत्र के हैदरपुर गांव को नशा मुक्त करने के लिए युवा, बुजुर्ग और महिलाओं ने घर-घर जाकर पहल की। मंगलवार की शाम गांव के धनुषधारी मंदिर में सरपंच, उपसरपंच, पंच, बुजुर्ग और युवाओं को पंचायत लगाने का आमंत्रण दिया जाकर पंचायत लगाई गई और गांव के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

पंचायत में सभी का कहना था कि गांव में अवैध शराब बनाने और बेचने पर 21 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है। शराब पीने पर भी 11 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। विवेक यादव, भान प्रताप सिंह, सुखनंदन यादव, उपसरपंच सुनील उदैनियां, धनुवा अहिरवार, छिदामी, अर्जुन अहिरवार, भरोसा यादव, छक्की लाल, देशराज, ने बताया कि शराब बंद का फरमान पंचायत ने जारी कर दिया है।

युवाओं में बढ़ रही थी शराब की लत
हैदरपुर गांव के युवाओं में शराब की लत बढ़ रही थी। इसको देखते हुए गांव वालों ने पंचायत बुलाने का निर्णय लिया। उनका कहना था कि शराब की वजह से कई घर बर्बाद हो गए हैं, अब गांव के युवा भी इस लत के शिकार हो रहे थे। नशे में रहने से अभद भाषा के साथ घरेलू हिंसा भी बढ़ रही थी। इससे समाज में नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे शराब बंदी का निर्णय लिया है। पंचायत की सहमति में सभी ने शराब बंद की शपथ ली है।

गांव की कुल आबादी 2000
पंचायत में ग्रामीणों ने बताया कि हैदरपुर गांव में 250 से अधिक मकान हैं और 2000 से 2500 के करीब यहां की आबादी है। पंचायत के इस फैसले का महिलाओं ने भी स्वागत किया है। उनका कहना था कि गांव में बिकने वाली शराब को भी बंद कराया जाएगा। गांव के पंचनामा में अवैध शराब बेचने वालों के नाम खोल दिए गए हैं।

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