मध्यप्रदेश

नेता मनोहरलाल धाकड़ खुद को निर्दोष बताया और टोलकर्मियों पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया

मंदसौर
 मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर महिला के साथ अश्लील कृत्य के बहुचर्चित मामले में कथित भाजपा नेता मनोहरलाल धाकड़ को रविवार को आत्मसमर्पण के बाद सोमवार को ही जमानत मिल गई।

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यह मामला तब तूल पकड़ गया, जब अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ। वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान मनोहरलाल धाकड़ के रूप में की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी।

वीडियो में मैं नहीं हूं…

जमानत मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए मनोहरलाल धाकड़ ने कहा कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वह नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस कार के आधार पर उनकी पहचान की गई, वह गाड़ी उन्होंने पहले ही बेच दी थी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका भाजपा से कोई संबंध नहीं है। "मेरी पत्नी जरूर भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य है, पर मैं पार्टी से जुड़ा नहीं हूं," धाकड़ ने कहा।

ब्लैकमेलिंग का आरोप

पुलिस सूत्रों के अनुसार, धाकड़ ने बयान में बताया कि 13 मई को टोलकर्मियों ने CCTV फुटेज डिलीट करने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की थी। मौके पर 20 हजार रुपये भी ले लिए गए थे। जब पूरी रकम नहीं मिली, तो आठ दिन बाद टोलकर्मियों ने उस फुटेज की स्क्रीन रिकॉर्डिंग करके उसे सोशल मीडिया पर तीन भागों में प्रसारित कर दिया।

वीडियो की अवधि सात मिनट से अधिक

जो वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए, वे दरअसल 7 मिनट 27 सेकंड की एक ही रिकॉर्डिंग के तीन हिस्से हैं। यह फुटेज 13 मई की रात 8:22 से 8:29 बजे के बीच का है। पुलिस को संदेह है कि टोलकर्मियों ने ब्लैकमेलिंग की मंशा से इस वीडियो को प्रसारित किया।

टोलकर्मियों की तलाश में टीमें

रतलाम रेंज के डीआईजी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अब पुलिस की जांच का दायरा टोलकर्मियों तक भी बढ़ाया गया है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि वीडियो किसने और किन परिस्थितियों में वायरल किया, और क्या वाकई इसमें ब्लैकमेलिंग की साजिश थी। पुलिस इस मामले में जल्द ही टोल प्रबंधन से भी पूछताछ कर सकती है।

धाकड़ की चेतावनी

धाकड़ ने मीडिया से कहा कि यदि उन्हें झूठे आरोप में फंसाया गया है, तो वे एक्सप्रेस वे के प्रबंधन के खिलाफ मानहानि का दावा करेंगे। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से ब्लैकमेलिंग की बात को नहीं दोहराया।

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