मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश अब स्वच्छता में देश का बना अग्रदूत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में मध्य प्रदेश फिर अव्वल
इंदौर सुपर स्वच्छ लीग सिटीज़ श्रेणी में देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में सम्मानित
10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले स्वच्छ शहरों में भोपाल दूसरे, जबलपुर 5वें और ग्वालियर 14वें स्थान पर
3 से 10 लाख जनसंख्या श्रेणी में उज्जैन, देश के शीर्ष शहरों में शामिल
ग्वालियर को मिला प्रॉमिसिंग शहर का स्टेट अवार्ड
50 हजार से 3 लाख जनसंख्या वाले स्वच्छ शहरों में देवास प्रथम स्थान पर
मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों और नगरीय निकायों को बधाई

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के सम्मान समारोह में इंदौर को 'सुपर स्वच्छ लीग सिटीज़' श्रेणी में देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में सम्मानित किया जाना प्रदेशवासियों के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उल्लेखनीय है कि विगत 7 वर्षों से स्वच्छ शहरों की श्रेणी में इंदौर ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया था। इंदौर के साथ भोपाल, देवास, शाहगंज, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन एवं बुधनी को भी विभिन्न श्रेणियों में स्वच्छता पुरस्कार प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि पूरा मध्यप्रदेश अब स्वच्छता में देश का अग्रदूत बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सफलता के लिए प्रदेश के समस्त स्थानीय निकायों के नागरिकों, विशेषकर स्वच्छताकर्मियों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को स्पेन यात्रा के दूसरे दिन जारी संदेश में यह बात कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने हमेशा की तरह एक बार फिर टॉप किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सभी राज्यों को स्वच्छता की प्रतिस्पर्धा में शामिल होने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता की विभिन्न श्रेणियों में अग्रणी शहरों की एक लीग बनाई गई, जिसमें इंदौर को शीर्ष स्थान मिला। इंदौर स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार-2024 में 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की नवीन श्रेणी "स्वच्छ लीग अवार्ड" में सर्वश्रेष्ठ शहर बना है।

धार्मिक नगरी उज्जैन को स्वच्छ लीग अवार्ड
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वच्छ लीग अवार्ड में धार्मिक नगरी उज्जैन को 3 से 10 लाख जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में शीर्ष स्थान मिला है। इसी प्रकार 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में बुदनी सर्वश्रेष्ठ शहर बना है। जबकि 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले स्वच्छ शहरों में भोपाल दूसरे, जबलपुर पांचवें और ग्वालियर 14वें स्थान पर रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में स्वच्छता में प्रॉमिसिंग शहर का स्टेट अवार्ड ग्वालियर को मिला। पचास हजार से तीन लाख जनसंख्या वाले स्वच्छ शहरों में देवास प्रथम स्थान पर रहा। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल देश की सबसे स्वच्छ राजधानी पहले ही बन चुका है।

 

Related Articles

Back to top button