मध्यप्रदेश

इंसानियत की मिसाल: भूख से बिलखती बच्ची के लिए रेलवे बना मसीहा, ट्रेन में पहुंचाया दूध

भोपाल
रेल यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा अनुभव भी होता है। ऐसा ही एक संवेदनशील और मार्मिक दृश्य शनिवार की सुबह भोपाल रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला, जब रेलवे ने एक भूख से बिलखती सात माह की मासूम बच्ची को समय पर राहत पहुंचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की।

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फिरोजपुर छावनी से हजूर साहिब नांदेड़ जा रही साप्ताहिक एक्सप्रेस (ट्रेन 14622) के एम-4 कोच में सफर कर रहे गुरप्रीत सिंह अपनी पत्नी और सात माह की बेटी सुखमणि के साथ यात्रा पर थे। जब ट्रेन बीना स्टेशन के आसपास थी, तभी बच्ची को भूख लगी, लेकिन उनके पास जो दूध था वह खराब हो चुका था। उन्होंने बीना और विदिशा स्टेशनों पर दूध की कोशिश की, लेकिन सुबह का समय होने के कारण कहीं भी दूध उपलब्ध नहीं हो सका।
 
ट्विटर के माध्यम से मांगी मदद
बच्ची की भूख से व्याकुल हालत को देखकर गुरप्रीत सिंह ने रेलवे मंत्रालय को ट्विटर के माध्यम से मदद की गुहार लगाई। रेलवे मंत्रालय ने तुरंत ही भोपाल रेल मंडल को इसकी सूचना दी और मानवीय संवेदनाओं को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की गई।

भोपाल स्टेशन पर दोनों प्रकार का दूध उपलब्ध कराया
भोपाल रेल मंडल के वाणिज्य विभाग की टीम अलर्ट मोड में आई और ट्रेन के भोपाल स्टेशन पहुंचते ही बच्ची के लिए गर्म और ठंडा दोनों प्रकार का दूध उपलब्ध करवाया गया। अधिकारियों ने बताया कि यात्री द्वारा गर्म या ठंडे दूध की स्पष्ट मांग नहीं की गई थी, इसीलिए दोनों विकल्प मुहैया कराए गए ताकि बच्ची को तुरंत राहत दी जा सके।

 

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