भारत

पिता की पिटाई कर रहे थे बेटे, रोकने गए पुलिसवाले को उतारा मौत के घाट

तमिलनाडु
दो बेटों और उनके पिता के बीच जारी हिंसक घरेलू विवाद को शांत कराने के चक्कर में तमिलनाडु में एक पुलिसकर्मी को अपनी ही जान गंवानी पड़ गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। फिलहाल, पुलिस तीन आरोपियों की तलाश कर रही है। वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है।

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घटना तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले के उडुमलपेल के पास सोमवार रात की है। यहां कथित तौर पर शराब के नशे में दो युवकों और उनके पिता के बीच झगड़ा हो रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस सूत्रों और चश्मदीदों ने बताया कि रात में गश्त कर रहे एसएसआई शानमुगावेल इस मारपीट की जानकारी मिलने के बाद तुरंत मौके पर पहुंच गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना कुडिमंगलम की एक निजी संपत्ति में हुई है, जिसके मालिक स्थानीय AIADMK विधायक हैं। यहां काम करने वाले मूर्ति और उसके बेटे थंगापांडियन और मणिकंदन के बीच झगड़ा हो रहा था। खबर है कि इस दौरान दोनों बेटे अपने पिता के साथ मारपीट कर रहे थे। तब पुलिसकर्मी ने झगड़ा शांत कराने की कोशिश की और घायल पिता को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की।

इस दौरान छिपे हुए मणिकंदन ने थंगापांडियन के साथ बातचीत करते हुए कथित तौर पर एसएसआई पर हमला कर दिया। इसके बाद खबर है कि पिता और दूसरा बेटा भी मारपीट में शआमिल हो गए। इस दौरान तीनों पुलिसकर्मी के पीछे दौड़ पड़े और पीट-पीट कर मार डाला। अचानक हुए इस हमले में पुलिसकर्मी का ड्राइवर बचकर निकलने में सफल रहा।

फिलहाल, तीनों आरोपी फरार हैं और पुलिस तलाश कर रही है। सीएम स्टालिन ने घटना पर शोक जताया है। फिलहाल, इस पर राज्य के प्रमुख विपक्षी दल AIADMK की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। खास बात है कि यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब राज्य में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। भारतीय जनता पार्टी नेता नारायण तिरुपति ने इस हमले पर हैरानी जताई। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को निजी दुश्मनी कहकर खत्म नहीं किया जा सकता।

 

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