मध्यप्रदेश

गोवा में मंडला पुलिस को मिला सम्मान, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात को पीछे छोड़ा

 मंडला

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भारत सरकार के दूरसंचाल विभाग द्वारा गोवा में आयोजित वेस्ट जोन वार्षिक सुरक्षा सम्मेलन आयोजित किया गया था. जिसमें पश्चिम क्षेत्र के जो कई राज्य हैं हैं, जैसे मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ शामिल हुए थे. इसमें जिसने सबसे अच्छी रिकवरी की थी, उसे सम्मानित किया गया है. मध्य प्रदेश के मंडला साइबर सेल को सम्मानित किया गया. यह क्षण आदिवासी जिला मंडला के लिए गौरव का क्षण है. मंडला पुलिस को सीईआईआर पोर्टल का इस्तेमाल कर 74 फीसदी मोबाइल रिकवरी के साथ वेस्ट जोन में पहला स्थान मिला है.

मंडला पुलिस ने जब्त किए गुमशुदा मोबाइल

दरअसल, मंडला पुलिस ने CEIR पोर्टल का उपयोग कर डेढ़ साल में 2031 मोबाइल जब्त किए हैं. जिसकी कीमत लगभग 3 करोड़ बताई जा रही है. उन मोबाइलों को तलाश कर पुलिस ने उनके मालिकों को सौंपे. वहीं साल 2024 में 1046 और 2025 में 985 मोबाइल पुलिस ने रिकवर किए हैं. बता दें इससे पहले मध्य प्रदेश डीजीपी द्वारा मंडला पुलिस को उनकी कार्यशैली को लेकर सम्मानित किया जा चुका है. मंडला पुलिस को 50 हजार रुपए के पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया था. मंडला पुलिस ने इस सफलता के लिए पंच स्तरीय कार्य प्रणाली लागू की गई थी.

थाना स्तर पर मोबाइल फोन की शिकायतों व अन्य साइबर फ्रॉड को ऑनलाइन दर्ज करने साइबर डेस्क का गठन किया गया था. नेशनल साइबर रिपोर्टिंग हेल्पलाइन 1930, CEIR पोर्टल व लोकल साइबर हेल्पलाइन नंबर 7587644088 का प्रचार किया गया. सभी थानों में हेल्पलाइन नंबर, स्कूल व साप्ताहिक बाजार में प्रचार, चौराहों पर फ्लेक्स बैनर लगाकर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार किया गया.

शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया हुई आसान

थाना पर प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों को थाना स्तर पर ही तत्काल दर्ज की गई. वहीं लोकल स्तर पर जारी हेल्पलाइन नंबर से आमजन को मोबाइल के गुम जाने वाली शिकायत दर्ज करने में आसानी हुई. खरीद बिल या IMEI नंबर अनुपलब्ध होने पर भी शिकायत प्राप्त की गई.
डिस्ट्रिक्ट, थाना व बीट स्तर पर मोबाइल फोन का डिस्ट्रीब्यूसन

मोबाइल फोन पहले जिला स्तर पर ट्रेस कर लिए जाते थे. अब विकेन्द्रीकृत वितरण से सीधे मोबाइल फोन को पुलिस स्टेशन स्तर पर या माइक्रो बीट पुलिसकर्मियों द्वारा दूर गांवों में लोगों के घर जाकर सौंपा गया.

 

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