मध्यप्रदेश

जबलपुर में 19 लाख की लूट: गलियों में घूमकर पुलिस को दे रहे थे चकमा, मास्क उतरते ही पकड़ में आए दोनों भाई

जबलपुर
कृषि उपज मंडी के अनाज व्यापारी के मुनीम से 19 लाख रुपये की लूट के आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित सगे भाई हैं, जिन्होंने लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद शहर की गई गलियों में भ्रमण किया, ताकि वे कहीं भी सीसीटीवी कैमरे में न आ सकें। लेकिन आरोपितों की तमाम कवायद के बाद भी पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों को खंगालते हुए आखिर में दोनों को दबोच ही लिया।

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आरोपित व्यापार में घाटे और कर्ज से परेशान थे। उधार लौटने का दबाव बढ़ने और व्यापार ठप होने पर जब कोई विकल्प नहीं सूझा तो लूट की वारदात की। यह जानकारी शुक्रवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में पत्रकारों से बातचीत में पुलिस अधिकारियों ने दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपित ग्रीन सिटी के गोल्डन टाउन कालोनी निवासी मोहित मनवानी उर्फ राहुल (26) और ऋषि मनवानी (18) है।
 
आरोपितों के कब्जे से लूट की राशि के 14 हजार 71 हजार 490 रुपये बरामद किए गए हैं। उनके कब्जे से लूट के लिए प्रयोग की गई बिना नंबर की मोपेड और हमले करने के लिए खरीदी गई चाइना राड भी जब्त की गई है। आरोपित कर्ज से उबरने के लिए लगातार मेहनत कर रहे थे। जब सफल नहीं हुए तो अपराध के रास्ते पर चल पड़े। उन्होंने दो बार लूट की अलग-अलग योजना बनाई। लेकिन घटना को अंजाम देने की हिम्मत नहीं जुटा सकें।

कुछ समय पूर्व वे विजय नगर के एचडीएफसी बैंक गए। जहां, कृषि उपज मंडी के एलएलजी सेल्स के मुनीम विकास साहू को काफी रुपये नकद लेकर अकेले जाते देखा। उसकी रैकी की। फिर बुधवार की शाम को मुनीम जब रुपये लेकर लौट रहा था तो कृषि उपज मंडी के पास सुनसान जगह पर रोका। उस पर राड से हमला कर उसकी मोपेड में टंगा रुपयों से भरा बैग लूट लिया।

कैमरे में दिखा बिना मास्क का चेहरा
आरोपितों की तलाश में कंट्रोल रूम आरक्षक पूनम, पूर्णिमा ने कई सीसीटीवी कैमरे फुटेज निकाले। सायबर सेल के निरीक्षक कपूर सिंह मरावी ने घटना के समय सक्रिय मोबाइल नंबर खंगाले। इसके साथ ही विजय नगर थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार, बृजेंद्र तिवारी, एसआइ संदीप पटेल ने लगातार छानबीन की।

गुमराह करने फेरा लगाकर पहुंचे घर, चुकाया कर्ज
लूट के बाद दोनों भाई मोपेड से फ्लाइओवर के रास्ते भागे। पुलिस को चकमा देने के लिए एक घंटा तक इधर-उधर घूमते रहे। फिर लंबा फेरा लगाकर अमखेरा होकर पीछे के रास्ते माढ़ोताल में अपने घर पहुंचे। लूट की राशि से अपने क्रेडिट कार्ड का बिल भरा। कुछ स्वजन और व्यापारियों की उधारी चुकाई। पूछताछ में पता चला है कि दोनों भाई पर 15 लाख रुपये से अधिक कर्ज था। आरोपित कुल तीन भाई और दो बहन हैं। एक बहन का विवाह पक्का हो गया था, उसके लिए भी रुपये की व्यवस्था का उन पर दबाव था।

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