खेल

मेगा इवेंट बनी विजय हजारे ट्रॉफी, रोहित-कोहली-गिल जैसे सुपरस्टार्स से सजेगा मैदान

नई दिल्ली 
स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा समेत कई शीर्ष भारतीय क्रिकेटरों की उपस्थिति से बुधवार 24 दिसंबर से शुरू होने वाले विजय हजारे ट्रॉफी एकदिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट की चमक बढ़ गई है, जिनमें इन दिग्गज खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने और अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिलेगा। विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने वाले स्टार खिलाड़ियों की कतार में ऋषभ पंत, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव, अभिषेक शर्मा जैसे नाम भी शामिल हैं, लेकिन कोहली और रोहित जितनी सुर्खियां किसी और को नहीं मिलतीं।

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कोहली और रोहित को इसलिए घरेलू टूर्नामेंट में खेलना पड़ रहा है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने सभी भारतीय क्रिकेटरों के लिए विजय हजारे ट्रॉफी के कम से कम दो मैच में खेलना अनिवार्य कर दिया गया है। कोहली 15 साल बाद इस टूर्नामेंट में खेलेंगे। उनका और रोहित का इस टूर्नामेंट में खेलने का सीधा मतलब है कि यह दोनों खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट में विकसित हो रहे शक्ति समीकरणों से अछूते नहीं हैं। यह दोनों खिलाड़ी अभी क्रिकेट जगत के स्टार हैं लेकिन क्रिकेट परिदृश्य में तेजी से बदलाव हो रहा है जिसका असर इन दोनों पर पड़ना लाजमी है।

रोहित ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह मुंबई की तरफ से सिक्किम और उत्तराखंड के खिलाफ जयपुर में 24 और 26 दिसंबर को होने वाले पहले दो मैच खेलेंगे। कोहली ने मुंबई में भारत के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ के साथ अभ्यास किया। उन्होंने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह दिल्ली के लिए कौन से दो या तीन मैच खेलेंगे। दिल्ली एलीट ग्रुप डी में अपना पहला मैच बेंगलुरु में आंध्र के खिलाफ खेलेगा। यह मैच या तो एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में या बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेला जाएगा। इस मैच के स्थान का फैसला कर्नाटक राज्य के गृह मंत्रालय को करना है। इसके बाद दिल्ली का सामना गुजरात से होगा।

कोहली के मंगलवार रात बेंगलुरु पहुंचने के बाद से ही यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह स्टार बल्लेबाज इन दोनों मैच में खेलेगा। विजय हजारे ट्रॉफी में निराशाजनक प्रदर्शन का अगले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे मैचों के लिए उनके चयन पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन कोहली और रोहित इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि उनका दायरा सिकुड़ता जा रहा है। वे जानते हैं कि युवा खिलाड़ी उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। भारत की टी20 विश्व कप टीम से गिल को बाहर करना और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के दम पर ईशान किशन को टीम में शामिल करना, इस बात का गंभीर संकेत है कि अगर कोहली और रोहित सहजता से रन नहीं बना पाते हैं तो उनके साथ क्या हो सकता है।

रोहित और कोहली के अलावा कई अन्य सीनियर खिलाड़ी भी इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। इन खिलाड़ियों में पंत भी शामिल है जो टेस्ट क्रिकेट की टीम में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं लेकिन सीमित ओवरों की टीम में जगह बनाने के लिए जूझ रहे हैं। पंत विजय हजारे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करके राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी तरफ खींचने की कोशिश करेंगे। इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने अगस्त 2024 के बाद से वनडे या टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में देश का प्रतिनिधित्व नहीं किया है।

गिल टी20 टीम से बाहर
गिल आगामी टी20 विश्व कप के लिए नजरअंदाज किए जाने के बाद लय हासिल करने कोशिश करेंगे। दाएं हाथ का यह बल्लेबाज पंजाब के लिए खेलते हुए अपनी निराशा को दूर करने का प्रयास करेगा। गिल के लिए यह अगले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले एक अच्छा अभ्यास होगा, जिसमें वह भारत की कप्तानी करेंगे।

इस टूर्नामेंट में चयनकर्ताओं की निगाह तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन पर भी टिकी रहेगी। कुछ साल पहले मोहम्मद सिराज के रणजी ट्रॉफी में अच्छे प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के बाद से कोई भी अन्य तेज गेंदबाज ऐसा करने में सफल नहीं रहा है। भारतीय टीम में शामिल तेज गेंदबाजों में प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा और आकाश दीप के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव रहा है। इस संदर्भ में गुरजपनीत सिंह (तमिलनाडु), गुरनूर बरार (पंजाब), युद्धवीर सिंह (जम्मू कश्मीर), अनुज ठकराल (हरियाणा) और साकिब हुसैन (बिहार) आदि खिलाड़ियों में चयनकर्ताओं की विशेष रुचि होगी। मैच सुबह नौ बजे शुरू होंगे।

 

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