मध्यप्रदेश

MP में राज्य अधिवक्ता परिषद चुनाव की 12 मई को होगी वोटिंग, 16 जून से होगी मतगणना

इंदौर.

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राज्य अधिवक्ता परिषद के पांच वर्ष में एक बार होने वाले चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो गई है। इसके मुताबिक 12 मई को पूरे प्रदेश में एक साथ मतदान होगा। मतगणना 16 जून से शुरू होगी। कार्यकारिणी सदस्य के 25 में से सात पद इस बार महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ पांच पद के लिए ही चुनाव होगा। शेष दो पदों पर मनोनयन किया जाएगा। प्रदेशभर के लगभग 87 हजार वकील इस चुनाव में हिस्सा लेंगे।

राज्य अधिवक्ता परिषद के लिए प्रारंभिक मतदाता सूची 16 मार्च को जारी कर दी जाएगी। 24 मार्च तक इस प्रारंभिक मतदाता सूची को लेकर दावे-आपत्तियां प्रस्तुत किए जा सकेंगे। एक अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी हो जाएगी। सिर्फ उन्हीं वकीलों को मतदान का अधिकार प्राप्त होगा, जिन्होंने प्रविधानों के तहत अपना सत्यापन करवा लिया है। नामांकन फार्म जमा करने के लिए प्रत्याशियों को तीन दिन मिलेंगे।

मतपेटियों को जबलपुर भेजा जाता है
8, 9 और 10 अप्रैल को नामांकन फार्म जमा कराया जा सकेगा। 15 और 16 अप्रैल को नामांकन फार्म की जांच होगी। 20 से 22 अप्रैल शाम चार बजे तक नाम वापस लिया जा सकेगा। 22 अप्रैल को शाम पांच बजे प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। मतदान के बाद सभी मतपेटियों को सीलबंद कर जबलपुर भेजा जाता है। वहां 16 जून से मतगणना शुरू होगी। सामान्यत: राज्य अधिवक्ता परिषद के चुनाव की मतगणना दो माह लगभग चलती है।

बढ़ेगी महिलाओं की हिस्सेदारी
इस बार राज्य अधिवक्ता परिषद में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ना तय है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस बार 25 में से सात पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। राज्य अधिवक्ता परिषद की निवृत्तमान कार्यकारिणी के 25 सदस्यों में से सिर्फ एक महिला थी, लेकिन इस बार यह संख्या सात गुना बढ़ जाएगी।

आसान नहीं होगा चुनाव
पिछले चुनाव के मुकाबले इस चुनाव में प्रत्याशियों के लिए चुनौती मुश्किल होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार पुरुषों प्रत्याशियों के लिए 25 नहीं बल्कि सिर्फ 18 पद होंगे। एक अनुमान के मुताबिक प्रथम वरीयता के 2500 मत लाने वाले प्रत्याशी खुद को सुरक्षित मान सकते हैं।

इंदौर से दो दर्जन से ज्यादा मैदान में
चुनाव के लिए नामांकन का काम भले ही अब तक शुरू नहीं हुआ, लेकिन संभावित प्रत्याशियों ने प्रचार शुरू कर दिया है। यह प्रचार सोशल मीडिया के साथ-साथ प्रत्यक्ष भी चल रहा है। संभावित प्रत्याशी वकीलों के कार्यालय और घर तक पहुंचकर खुद प्रथम वरीयता का मत देने की गुहार लगा रहे हैं। इस बार राज्य अधिवक्ता परिषद में अकेले इंदौर से 30 से ज्यादा प्रत्याशी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। इनमें वर्तमान कार्यकारिणी के पांच सदस्य शामिल हैं।

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