भारत

दलाई लामा की अपील: मिडिल ईस्ट, रूस और यूक्रेन में संघर्ष खत्म हो

धर्मशाला 
 बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने मिडिल ईस्ट के साथ-साथ रूस और यूक्रेन में भी शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि हिंसा से समस्या का समाधान नहीं निकलता संवाद से मामले सुलझाए जा सकते हैं। दलाई लामा के आधिकारिक एक्स अकाउंट से ये खत साझा किया गया है, जिसमें 90 साल के धार्मिक गुरु ने पोप लियो चौदहवें की शांति अपील का समर्थन किया है। सर्वोच्च तिब्बती धर्म गुरु ने कहा, "मैं दिल से होली फादर पोप लियो की पाम संडे के दिन की गई शांति अपील का समर्थन करता हूं। हथियार डालने और हिंसा छोड़ने की उनकी गुजारिश मेरे दिल को छू गई, क्योंकि यह सभी बड़े धर्मों की शिक्षाओं का सार बताती है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

सभी धर्म के सार को आगे समझाते हुए उन्होंने कहा कि असल में, चाहे हम ईसाई धर्म, बौद्ध धर्म, इस्लाम, हिंदू धर्म, यहूदी धर्म या दुनिया की किसी भी महान आध्यात्मिक परंपरा को देखें, संदेश असल में एक ही है: प्यार, दया, सहनशीलता और आत्म-संयम। इनमें से किसी में भी हिंसा को कोई जगह नहीं दी गई है। इतिहास ने हमें बार-बार दिखाया है कि हिंसा से सिर्फ और ज्यादा हिंसा ही पैदा होती है और यह कभी भी शांति की पक्की नींव नहीं होती।
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने आगे कहा, "मिडिल ईस्ट या रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष का समाधान संवाद, कूटनीति और आपसी सम्मान पर आधारित होना चाहिए—इस समझ के साथ कि, हम सब भाई-बहन हैं (मानव परिवार का हिस्सा हैं)।

शांति अपील करते हुए उन्होंने अंत में कहा, "मैं अनुरोध करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि हिंसा और संघर्ष पर जल्द ही विराम लगाया जाए।"
बता दें कि वेटिकन में पाम संडे मास के दौरान पोप लियो चौदहवें ने ईरान संघर्ष तुरंत खत्म करने की अपील करते हुए बाइबल को कोट किया था। उन्होंने बाइबल के एक अंश का हवाला देते हुए कहा, "यीशु उन लोगों की प्रार्थनाएं नहीं सुनते जो युद्ध छेड़ते हैं, बल्कि उन्हें अस्वीकार कर देते हैं, यह कहते हुए कि 'भले ही तुम कितनी भी प्रार्थनाएं करो, मैं नहीं सुनूंगा: तुम्हारे हाथ खून से सने हैं।'

Related Articles

Back to top button