हमर छत्तीसगढ़

जल संकट पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: गोदरीपारा में टैंकरों से राहत, 16 नई टंकियों से स्थायी समाधान की तैयारी

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

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गोदरीपारा में पेयजल संकट को लेकर हुए चक्का जाम के बाद आखिरकार प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। अब न केवल त्वरित राहत दी जा रही है, बल्कि स्थायी समाधान की दिशा में भी तेज़ी से कदम उठाए जा रहे हैं।
नगर पालिक निगम चिरमिरी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में 14 टैंकरों के माध्यम से नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे लोगों को तत्काल राहत मिल रही है।

अमृत मिशन 2.0 बनेगा गेम चेंजर

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अमृत मिशन 2.0 के तहत घर-घर नल कनेक्शन देने का कार्य तेज़ी से जारी है। इसके साथ ही जल आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करने और पाइपलाइन विस्तार पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

पाइपलाइन विस्तार से बढ़ेगी पहुंच

15वें वित्त आयोग की राशि से गोदरीपारा, डोमनहिल और बरतुंगा क्षेत्रों में पाइपलाइन विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। वार्ड क्रमांक 26, 27, 30, 31, 32, 33, 34 और 35 में लगभग 100 मीटर नई पाइपलाइन जोड़कर बड़ाबाजार पानी टंकी से कनेक्शन दिया गया है, जिससे एसईसीएल कॉलोनी सहित आसपास के इलाकों में जल आपूर्ति बहाल हो रही है।

गर्मी में राहत: टैंकरों की सतत सेवा

भीषण गर्मी और गिरते जल स्तर के कारण उत्पन्न अस्थायी संकट को देखते हुए नगर निगम और एसईसीएल प्रबंधन के समन्वय से 14 टैंकरों द्वारा नियमित सप्लाई की जा रही है, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

15 दिन में कनेक्शन, सप्ताह में दो दिन पानी

जन जागरण संघर्ष समिति की मांगों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि 15 दिनों के भीतर पाइपलाइन कनेक्शन पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही, सप्ताह में कम से कम दो दिन नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

16 नई टंकियां बदलेंगी तस्वीर

दीर्घकालिक समाधान के तहत अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत 16 नई पानी टंकियों के निर्माण के लिए स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं। योजना के पूर्ण होते ही क्षेत्र में जल संकट पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद है।

प्रशासन का आश्वासन

प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में कहीं भी जल संकट उत्पन्न होने पर तत्काल टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए नगर निगम और एसईसीएल के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया गया है। कुल मिलाकर, गोदरीपारा में जल संकट अब केवल अस्थायी राहत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जल्द ही स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ी तस्वीर सामने आने वाली है।

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