राजस्थान

करौली कलेक्ट्रेट में कोर्ट की कार्रवाई, अधिकारी की कुर्सी तक कुर्क

 करौली

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

राजस्थान के करौली कलेक्ट्रेट में  उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोर्ट की एक टीम अचानक सामान जब्त करने पहुंच गई. मामला इतना बढ़ गया कि टीम ने अल्प बचत अधिकारी के कार्यालय में रखी उनकी कुर्सी तक कुर्क कर ली. सरकारी दफ्तर में हुई इस कार्रवाई को देख वहां मौजूद कर्मचारी और अधिकारी दंग रह गए.

दरअसल, यह पूरा मामला एक पुराने वित्तीय विवाद का नतीजा है, जिसमें अदालत के आदेश की पालना न होने पर यह सख्त कदम उठाना पड़ा.

आखिर क्या है पूरा मामला?
यह पूरी कहानी हिण्डौन के रहने वाले राजेश कुमार गुप्ता से जुड़ी है. राजेश ने अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (ADJ Court) में एक शिकायत दर्ज कराई थी. उनका दावा था कि अल्प बचत योजना के तहत उनके 1.91 लाख रुपये विभाग के पास बकाया हैं. सिर्फ पैसा ही नहीं, राजेश ने 780 ग्राम चांदी और 33 ग्राम सोने के आभूषणों का भी दावा कोर्ट के सामने रखा था. अदालत में लंबी सुनवाई चली, लेकिन जब विभाग की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कुर्की का वारंट जारी कर दिया.

कलेक्ट्रेट में कुर्सी की जब्ती
हिण्डौन कोर्ट के आदेश पर करौली कोर्ट की टीम कलेक्ट्रेट स्थित अल्प बचत अधिकारी के दफ्तर पहुंची. टीम का नेतृत्व सेल अमीन तस्लीम हसन कर रहे थे. उस समय वहां जिला कोषाधिकारी अवधेश कुमार भी मौजूद थे. कोर्ट की टीम ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए दफ्तर का सामान समेटना शुरू किया. देखते ही देखते अधिकारी की कुर्सी को भी जब्त कर लिया गया. सरकारी दफ्तर से अधिकारी की कुर्सी उठाकर ले जाना विभाग की बड़ी किरकिरी माना जा रहा है.

'हक के लिए लड़ता रहूंगा'
इस कार्रवाई के बाद परिवादी राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि वे लंबे समय से न्याय के लिए भटक रहे थे. उन्होंने कहा कि कोर्ट का यह फैसला उनके हक में आया है और फिलहाल अधिकारी की कुर्सी को कुर्क किया गया है. राजेश के मुताबिक, यह तो बस शुरुआत है, यदि उनका बकाया पैसा और सोना-चांदी नहीं मिला, तो आगे की कार्रवाई भी न्यायालय के निर्देशानुसार ही की जाएगी.

Related Articles

Back to top button