राजनीति

सेहत बिगड़ने की वजह से मंत्री आतिशी ने तोड़ा अनशन तो उनकी ही राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कसा तंज

नई दिल्ली
सेहत बिगड़ने की वजह से दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी को मंगलवार को अपना अनशन खत्म करना पड़ा। 'जब तक हरियाणा पानी नहीं छोड़ता तब तक अनशन' करने का संकल्प लेकर बैठीं आतिशी का पांचवें दिन अनशन खत्म करा दिया गया। इसके बाद जहां भाजपा ने कटाक्ष किया है तो वहीं आम आदमी पार्टी की ही राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी तंज कसा है। मालीवाल ने कहा कि वह तो 13 दिन तक अनशन कर चुकी हैं।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीए पर खुद को पीटने का आरोप लगाने वाली मालीवाल ने कहा कि सत्याग्रह हमेशा पवित्र मन से किया जाता है। अनशन बीच में टूटने पर तंज कसते हुए मालीवाल ने कहा कि झूठी और गंदी बातें करने से अनशन की शक्ति नहीं मिलती है। आतिशी ने कहा, 'गांधी जी ने अनशन की पवित्र विधि को सत्याग्रह का नाम दिया था। सत्याग्रह जो हमेशा सच्चे और पवित्र मन से किया जाता है।'

उन्होंने आगे कहा, 'मैंने दो बार अनशन किया। एक बार 10 दिन और एक बार 13 दिन। मेरे अनशन के बाद देश में बच्चों के बलात्कारियों को फांसी की सजा हो, ऐसा क़ानून भी बना। संघर्ष की राह बहुत मुश्किल होती है। कई साल जमीन पे संघर्ष करके ही अनशन करने की शक्ति हासिल होती है। दूसरों के बारे में पूरा दिन झूठी और गंदी बातें बोलके नहीं। खैर, आशा है जल्द आतिशी जी का स्वास्थ्य ठीक होगा और वो दिल्ली के लोगों के लिए काम करेंगी।' 13 मई को मारपीट की कथित घटना के बाद से स्वाति मालीवाल अपनी ही पार्टी के खिलाफ हमलावर हैं। उन्होंने पिटाई कांड पर आतिशी की चुप्पी और फिर आरोपी बिभव कुमार के बचाव को लेकर भी आतिशी पर निशाना साधा था। मालीवाल ने आरोप लगाया था कि बिभव कुमार ने केजरीवाल के आवास पर ना सिर्फ उन्हें गालियां दीं बल्कि घातक हमला भी किया। बिभव कुमार को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

भाजपा ने भी साधा निशाना
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में AAP के भ्रष्टाचार के कारण ही पानी की किल्लत है, जिसे छिपाने के लिए AAP द्वारा किए जा रहे झूठे सत्याग्रह का पर्दाफाश हो गया है। उन्होंने कहा, 'दिल्ली में सत्याग्रह के नाम पर एक राजनैतिक प्रयोग की साजिश रची गई जिसका पटाक्षेप भी उसी तरह हुआ, जिन लोगों को न सत्याग्रह के मायने पता हैं और न सत्याग्रह करने की परिस्थिति पता है वे अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति और घोटालेबाजों को बचाने व अपने भ्रष्टाचार को अनवरत जारी रखने के लिए आज सत्याग्रह का ढोंग कर रहे हैं और अपनी जिम्मेदारी से भग रहे हैं, यह समय था जब सरकार को जनता के साथ रहना चाहिये था और उनकी अवश्यकत्ताओं को प्राथमिकता से पूर्ण करना चाहिए था।' उन्होंने आतिशी के स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की।

 

Related Articles

Back to top button