मध्यप्रदेश

भोपाल में एक दिन में डेंगू के 10 और मामले सामने आए

भोपाल
 एमपी के भोपाल शहर में डेंगू के 10 नए मामले सामने आए हैं। डेंगू के मामलों में लगातार हो रही वृद्धि निवासियों के बीच चिंता का विषय बन गई है। अनुमान है कि इस साल मामले 300 के पार भी जा सकते हैं। एमपी हाईकोर्ट ने भोपाल और जबलपुर के नगर निगमों को नोटिस जारी कर डेंगू के मामलों की रिपोर्ट मांगी है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

जिला अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस चिंताजनक स्थिति को लेकर जब नवनियुक्त जिला मलेरिया अधिकारी यानि डीएमओ डॉ अर्चना मिश्रा ने अभी तक बढ़ते वेक्टर संक्रमण से निपटने के लिए कोई योजना नहीं दी है। भोपाल में इस साल डेंगू के मामलों की संख्या पिछले साल के रिकॉर्ड को पार कर गई है।
असफल रही संपर्क

सितंबर के तीसरे सप्ताह तक 70 मामले थे। पिछले दो हफ्तों से कोशिशों के बावजूद डॉक्टर मिश्रा से संपर्क करने की कोशिशें असफल रही हैं। भोपाल के सीएमएचओ डॉ प्रभाकर तिवारी को जब पिछले हफ्ते स्थिति के बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि कोविड-19 जैसी दैनिक रिपोर्ट सार्वजनिक डोमेन में जारी की जाएगी। पर पांच दिन बाद भी इस तरह के अपडेट अभी तक नहीं दिए गए हैं।
बीएमसी का दावा

वहीं भोपाल नगर निगम यानि बीएमसी ने दावा किया है कि वह वेक्टर जनित बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रहा है। स्थानीय अस्पताल मरीजों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए हाई अलर्ट पर हैं। बीएमसी लोगों से मच्छर भगाने वाली दवाओं का उपयोग करने और स्थिर पानी से बचने सहित आवश्यक सावधानी बरतने का आग्रह कर रही है।
हाईकोर्ट ने नोटिस किया जारी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने गुरुवार को भोपाल और जबलपुर नगर निगमों को नोटिस जारी कर उनके संबंधित अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में डेंगू पर स्थिति रिपोर्ट मांगी है। यह एक जनहित याचिका यानि पीआईएल के जवाब में था। जिसमें राज्य सरकार और स्थानीय निकायों को एमपी में डेंगू के खतरे को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की गई थी।
क्या था जनहित याचिका में

हरदा निवासी आरटीआई कार्यकर्ता विजय बजाज की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि पूरे प्रदेश में डेंगू के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। अस्पताल डेंगू के मरीजों से भरे पड़े हैं। इस मौसम में लोगों को प्रभावित करने वाला डेंगू वायरस ज्यादा मजबूत है। प्रदेश में डेंगू से मौतें भी हुई हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की एक संस्था की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले साल की तुलना में 2023-24 में प्रदेश में डेंगू के मरीजों की संख्या में 50 फीसदी की वृद्धि हुई है।
बद से बदतर हो रही डेंगू की स्थिति

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आदित्य सांघी ने कहा कि प्रदेश में डेंगू की स्थिति बद से बदतर हो गई है। स्थानीय निकाय बीमारी को रोकने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहे हैं। घनी आबादी वाले इलाकों में फॉगिंग मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
आम लोगों पर नहीं दिया जा रहा ध्यान

उन्होंने कहा कि सिर्फ वीआईपी इलाकों को कवर किया जा रहा है। आम लोगों की आबादी वाले इलाकों में मच्छरों को मारने के लिए कीटनाशक नहीं बल्कि डीजल फैलाया जा रहा है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सितंबर माह में डेंगू के 600 मरीज मिले, लेकिन हकीकत में यह संख्या 2800 से अधिक है।

Related Articles

Back to top button