मध्यप्रदेश

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के लिये तैयार है नर्मदापुरम्, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव RIC का शुभारंभ आज करेंगे

भोपाल
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर क्षेत्र में संतुलित और सामान विकास के संकल्प को सकार करने के लिये पूरे प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आज  7 दिसंबर को नर्मदापुरम में होगी, जिसकी तैयारी जोरों है। नर्मदापुम् राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय उद्योगपतियों के स्वागत के लिये तैयार है। इसके माध्यम से स्थानीय निवेशकों और उद्योगपतियों को भी प्रदेश की औद्योगिक रणनीतियों से जोड़ा जाएगा।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदापुरम में आयोजित होने वाले इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में नर्मदापुरम और आस-पास के क्षेत्र के औद्योगिक विकास और निवेश संभावनाओं के लिहाज से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसमें उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों, विकासात्मक योजनाओं और विभिन्न उद्योगों की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।

विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी होगा
क्षेत्रीय इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में क्षेत्रीय उद्योगों से संबंधित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। व्यापार संवर्धन केंद्र भी खुले रहेंगे, जहां निवेशक मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को देख सकेंगे और संभावनाओं पर चर्चा कर सकेंगे। यह सम्मेलन न केवल राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक अहम कदम साबित होगा। कॉन्क्लेव में निवेश के अवसर विषय पर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। इसमें सूचना प्रौद्योगिकी, आईटीईएस और ईएसडीएम, माइनिंग, पर्यटन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र शामिल हैं। इसके बाद दोहपर 12 बजे प्रमुख उद्योगपतियों द्वारा राज्य के व्यवसायिक माहौल पर अपने विचार साझा किए जाएंगे। राज्य की विकासात्मक संभावनाओं पर एक शार्ट फिल्म का प्रजेंटेशन भी किया जायेगा। कॉन्क्लेव में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी होगा।

6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का महत्व

नर्मदापुरम का यह आयोजन राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई के लिए नई संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगा। 75 प्रमुख निवेशक और 5 देशों के प्रतिनिधि यहां उद्योग और रोजगार के लिए नए रास्ते खोजने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल भूमिपूजन और उद्घाटन करेंगे, और निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे।

नर्मदापुरम की नई पहचान

    नर्मदापुरम, जो पहले अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता था, अब एक उभरते हुए औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और वस्त्र क्षेत्रों में नए अवसरों का पता लगाना है। इस आयोजन की थीम नए क्षितिज, नई संभावनाएं है।

स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी

कॉन्क्लेव में 60 से अधिक स्टॉल लगाए जा रहे हैं, जहां एमएसएमई, पर्यटन, हस्तशिल्प विकास निगम और ओडीओपी (ODOP) उत्पादों का प्रदर्शन होगा। यह प्रदर्शनी स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और उनका प्रचार करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी। इसमें निवेशकों के साथ साझेदारी के अवसर भी मिलेंगे।

उद्योग और रोजगार के लिए नया कदम

कॉन्क्लेव का उद्देश्य नर्मदापुरम को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करना और सरकार तथा निवेशकों के बीच सहयोग को सशक्त बनाना है। यह आयोजन नर्मदापुरम को क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगा और प्रदेश के हर क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद करेगा।

इस कॉन्क्लेव की थीम क्या है?

नर्मदापुरम, जो अपनी धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है, अब एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है. 'नए क्षितिज, नई संभावनाएँ' थीम के अंतर्गत इस कार्यक्रम में कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और वस्त्र जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है.

उद्योग और रोजगार के लिए नई राह

'उद्योग वर्ष 2025' अंतर्गत आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित सफल कार्यक्रमों की श्रृंखला में नर्मदापुरम का यह आयोजन क्षेत्रीय संभावनाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक और महत्वपूर्ण कदम है. इस कॉन्क्लेव से नर्मदापुरम क्षेत्र को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के साथ-साथ निवेशकों और सरकार के बीच आपसी सहयोग को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी.

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