मध्यप्रदेश

इंदौर में साइबर ठगी का बड़ा मामला: रिटायर्ड टीचर से 97 लाख की ठगी, 14 महीने तक पैसे भेजती रहीं

इंदौर
साइबर अपराधियों ने सेवानिवृत्त शिक्षिका से 96 लाख 83 हजार 595 रुपये की ठगी कर ली। वह 14 महीनों तक ठगों के संपर्क में रही और उनके इशारों पर खातों में राशि जमा करवाती रहीं। पुलिस ने शुक्रवार रात अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ठग के सभी खाते फर्जी पाए गए हैं। सिम कार्ड भी दूसरों के नाम से मिले हैं।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

ठगी जूना रिसाला निवासी कुमारी पुष्पा ठाकुर के साथ हुई है। 67 वर्षीय पुष्पा सेवानिवृत्त सहायक प्राध्यापक हैं। शिकायत में बताया कि 16 दिसंबर 2023 को राजीव शर्मा नामक व्यक्ति का कॉल आया था। उसने खुद को बीमा कंपनी का अधिकारी बताया और पुष्पा को दो बीमा पॉलिसी की जानकारी दी। उसने कहा कि एक पॉलिसी चालू है और दूसरी सरेंडर नहीं हुई है। एक लाख रुपये की राशि एनईएफटी कर दें ताकि पॉलिसी की सरेंडर राशि खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
 
आरोपी ने महिला से दस्तावेज भी मंगवा लिए
आरोपित ने बाकायदा ई-मेल आईडी भेजी और महिला से दस्तावेज भी मंगवा लिए। आरोपित ने सात फरवरी 2025 तक महिला से कुल 96 लाख 83 हजार 595 रुपये जमा करवा लिए। बीमा कंपनी से डेटा लीक, ठग ने पॉलिसी बताकर ठगा महिला ने पुलिस को बताया कि उसने एसबीआई लाइफ से बीमा पॉलिसी ली थी। तीन साल तक 25 हजार रुपये जमा करती थी। बीच में रुपये जमा करना बंद कर दिए। कंपनी के कर्मचारी ने पॉलिसी सरेंडर करने की सलाह दी और 72 हजार रुपये मिले। मार्च 2020 में महिला ने दस वर्ष के लिए दूसरी पॉलिसी ले ली।

16 दिसंबर 2023 को ठग का कॉल आया और कहा कि पॉलिसी सरेंडर नहीं हुई है। उसमें लाखों रुपये जमा हैं। शक है बीमा कंपनी से ही ग्राहकों के डेटा लीक हो रहा है। गिरोह ने 23 बार में 32 खातों में जमा करवा रुपये एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के अनुसार, ठगी का शिकार हुई महिला ने आरोपितों में राजीव शर्मा, अमित शर्मा, आर. गोस्वामी, एसके अहलुवालिया, सुब्रत बास, गुरमीत सिंह चंद्रा के नाम बताए हैं। ठग इनके नाम से ही कॉल लगाते थे। आरोपितों ने 23 बार में 32 खातों में रुपये ट्रांसफर करवाए हैं। 15 लाख 46 हजार रुपये तो बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से ट्रांसफर किए गए हैं।

Related Articles

Back to top button