हमर छत्तीसगढ़

अंबिकापुर में हाथियों के दल ने खूब उत्पात मचाया, दो बच्चों की मौत

अंबिकापुर

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हाथियों ने पंडो परिवार की इन्ही झोपड़ी को तोड़ना शुरू कर दिया गहरी नींद में सो रहे लोगों को हाथियों के आने का पता नहीं चला। हाथियों ने जब झोपड़ी तोड़नी शुरू की तो घर में सोए हुए ग्रामीण अपने-अपने बच्चों को लेकर भागे।

इस दौरान बीखू राम पंडो अपने दो बच्चों को लेकर वहां से भागने में सफल रहा लेकिन तीन बच्चे झोपड़ी में ही फंस गए। इसमें एक पांच साल का बच्चा देव सिंह झोपड़ी के भीतर छिप गया, लेकिन 11 वर्षीय पुत्र डिशु पंडो और पांच साल की पुत्री काजल उर्फ भूती को हाथियों ने कुचल कर मार डाला।

इधर हाथियों के बस्ती में पहुंचने की खबर देर रात वन विभाग को मिली। आसपास हाथियों की मौजूदगी होने के बावजूद वन विभाग की टीम और ग्रामीण लगभग डेढ़ किमी पैदल चलकर पहुंचे। झोपड़ी पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी और दोनों बच्चे का शव भी पड़ा हुआ था। पांच साल का बीखू राम का पुत्र देव सिंह वही मिला। बताया गया कि 11 हाथियों का दल तारा क्षेत्र से प्रेमनगर की ओर आया है। इसी दल ने महेशपुर से पांच किलोमीटर दूर मुलकी पहाड़ इलाके में शनिवार रात धावा बोला था। फिलहाल हाथियों का दल प्रेमनगर के रिहायशी क्षेत्र से लगे बिरंची बाबा पहाड़ी में डटा हुआ है।

रामानुजनगर के रेंजर रामचंद्र प्रजापति सहित वन विभाग का हमला इलाके में मौजूद है। दोनों बच्चों के शव को वहां से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वन विभाग की ओर से बच्चों के स्वजन को 25-25 हजार रुपए की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। वन विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में लोगों को जंगल की ओर नहीं जाने की समझाइश दी है। 

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