मध्यप्रदेश

पश्चिम बंगाल में कांड के बाद अब इंदौर के सरकारी अस्‍पतालों में कर्मचारियों की बैकग्राउंड की होगी जांच

 इंदौर
 पश्चिम बंगाल में जूनियर डाॅक्टर से दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद अब एमजीएम मेडिकल काॅलेज से जुड़े अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। डीन ने मंगलवार को एमवायएच, एमटीएच, कैंसर, चाचा नेहरू, सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल के सफाईकर्मी, सुरक्षाकर्मी सहित अन्य कर्मचारियों के बैकग्राउंड की जांच के आदेश दे दिए हैं।

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कोई आपराधिक प्रवृत्ति का तो नहीं

इससे यह पता चल जाएगा कि अस्पतालों में काम करने वालों में से कोई किसी आपराधिक प्रवृत्ति का तो नहीं है? इसके अलावा सभी अस्पतालों के अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि अस्पताल की सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरों की जानकारी उपलब्ध करवाएं। इससे अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता हो सकेगी। क्योंकि इन अस्पतालों में बड़ी संख्या में महिला डाॅक्टर दिन-रात ड्यूटी करती हैं।

सुरक्षा की व्यवस्था उचित नहीं

बता दें कि वर्तमान में अस्पतालों में सुरक्षा की व्यवस्था उचित नहीं है। एमवाय अस्पताल में रेजिडेंट डाॅक्टर एक साथ ड्यूटी रूम साझा करने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि यहां पुरुष और महिला डाॅक्टरों के लिए अलग-अलग कमरे नहीं हैं।

    एमजीएम मेडिकल काॅलेज से जुड़े सभी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सभी कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच करने के लिए कहा है। साथ ही सभी अस्पतालों के अधीक्षकों को सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे की जांच के लिए निर्देश दिए हैं। – डाॅ. संजय दीक्षित, डीन

कई बार शिकायत कर चुके डाॅक्टर, पर सुनवाई नहीं

    हैरानी की बात यह है कि डाॅक्टरों ने खराब स्थिति के खिलाफ जिम्मेदार अधिकारियों से कई बार शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई फायदा नहीं हुआ।

    अस्पताल में डाॅक्टरों के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। कोई भी घूमते हुए किसी भी वार्ड में घुस सकता है।

    रेजिडेंट डाॅक्टरों ने कहा कि बड़ी संख्या में स्वजन और कई असामाजिक तत्व बिना किसी जांच के गलियारों में बैठे रहते हैं।

    मरीजों के स्वजन द्वारा दुर्व्यवहार के समय भी मौके पर गार्ड नहीं होता है, हमें उसे ढूंढना पड़ता है।

कमरों के दरवाजे टूटे, कैमरा भी नहीं

वर्तमान में यहां बने ड्यूटी रूम में कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। कमरों के दरवाजे भी टूटे हुए हैं। कई बार कोई गार्ड भी ड्यूटी पर नहीं होता है। अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार मेडिसिन विभाग में 63 ड्यूटी डाॅक्टर हैं और एक समय में 15 से अधिक ड्यूटी पर रहते हैं, लेकिन यहां सिर्फ दो सामान्य ड्यूटी रूम हैं, जो काफी छोटे हैं। शौचालय की स्थिति खराब है, टूटे हुए बिस्तर हैं और वेंटिलेशन के लिए कोई जगह नहीं है। कई बिस्तरों पर तो सिर्फ सामान ही रखा जा रहा है।

इतनी बार कर चुके शिकायत

    मरीज के स्वजन द्वारा दुर्व्यवहार की शिकायत 30 मार्च 2024 को दर्ज कराई गई थी।
    सुरक्षा चूक की ऐसी ही स्थिति को लेकर 10 मई 2024 को शिकायत दर्ज की गई थी।
    29 अक्टूबर 2023 को तीन स्वजन ने डाॅक्टरों पर हमला किया, लेकिन गार्ड मूकदर्शक बने रहे।
    एक मरीज के स्वजन के खिलाफ हिंसा की शिकायत दर्ज की गई थी।

    29 नवंबर 2023 को पुलिस को भी सूचित किया गया था।

 

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