हमर छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, आकाशीय बिजली और वज्रपात की भी चेतावनी

रायपुर

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प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे लगे क्षेत्रों पर बने सुस्पष्ट निम्न दबाव के असर से उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी है। विशेष रूप से बलरामपुर जिले में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने से अतिवृष्टि की स्थिति बन गई है।
भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी

मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा एक-दो स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी है। रायपुर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

पिछले 24 घंटों के दौरान चांदो में 150 मिमी, रामचंद्रपुर में 120 मिमी, रामानुजगंज व वाड्रफनगर में 80-80 मिमी तथा बलरामपुर, कुसमी, समरी, रघुनाथ नगर और राजपुर में 70-70 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।

प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम और न्यूनतम

प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.0 डिग्री राजनांदगांव में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री पेंड्रा रोड में दर्ज किया गया। राजधानी में अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री और न्यूनतम 24.0 डिग्री रहा।

बलरामपुर में अतिवृष्टि और सरगुजा संभाग में बारिश का दौर जारी

बंगाल की खाड़ी से झारखंड तक बने कम दबाव के कारण सरगुजा संभाग सहित उत्तरी छत्तीसगढ़ में पिछले चार दिनों से बारिश हो रही है। अंबिकापुर में 31 अगस्त तक औसत से अधिक बारिश हो चुकी है, जबकि जशपुर और सरगुजा जिलों में अभी भी औसत से करीब 32% से 38% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

लगातार हो रही इस बारिश से धान की फसलों को तो राहत मिली है, लेकिन खेतों में जलभराव के कारण सब्जी उत्पादकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिससे फसलों में कीट और रोगों का खतरा उत्पन्न हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार दो सितंबर से उत्तरी छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है।

दुर्ग में उफान पर शिवनाथ नदी, महमरा एनिकट पर बह रहा पानी

दुर्ग जिले में अब तक 668.8 मिमी औसत वर्षा हो चुकी है। लगातार तीन दिनों की अच्छी बारिश के चलते शिवनाथ नदी उफान पर है और महमरा एनिकट के ऊपर डेढ़ फीट पानी बह रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा एनिकट के 12 गेट खोल दिए गए हैं। हालांकि सोमवार दोपहर बाद से बारिश थमी है और धूप-छांव का दौर जारी है।

 

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