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करंट ट्रैप की चपेट में आया राहगीर: साक्ष्य मिटाने के लिए जलाया शव, 4 आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर/कोटा

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में जंगली जानवरों के अवैध शिकार के लिए बिछाए गए करंट वायर ने एक राहगीर की जान ले ली. घटना को छिपाने के लिए आरोपियों ने मृतक के शव को जला दिया. घटना का खुलासा होने के बाद मामले में पुलिस ने 2 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो विधि से संघर्षरत बालकों को निरुद्ध किया गया है.

ऐसे हुआ मामले का खुलासा
कोटा पुलिस को प्रार्थी आजू राम कुशराम के आवेदन पर सूचना मिली थी कि 29 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 के बीच ग्राम डिंडोल स्थित दोषी मुंडा तालाब के पास जंगल में एक व्यक्ति की विद्युत करंट से मृत्यु हुई है और उसके शव को जला दिया गया है.

शिकार के लिए लगाया गया था करंट वायर
जांच में सामने आया कि ग्राम नर्मदा डिंडोल के कुछ लोगों ने 11 केवी बिजली पोल से जीआई तार खींचकर जंगली जानवरों का अवैध शिकार करने की कोशिश की थी. इसी करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से 35 वर्षीय अयोध्या सिंह खुसरो (निवासी छिरहापारा धुमा) की मौके पर ही मौत हो गई.

अपराध छिपाने का प्रयास
मृतक की पहचान उजागर न हो, इसलिए आरोपियों ने शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी और साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश की.

कड़ी धाराओं में अपराध दर्ज
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 238 (मानव वध), 105 (साक्ष्य का विलोपन) और 3(5) (आपराधिक षडयंत्र) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की और जंगल में छिपे आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा.

आरोपियों की पहचान:

    जान सिंह बैगा पिता चरण बैगा (उम्र 48 वर्ष)
    अनिल बैगा पिता मंहगु बैगा (उम्र 25 वर्ष)
    02 विधि से संघर्षरत बालक (निरुद्ध)
    (सभी निवासी ग्राम नर्मदा डिंडोल, थाना कोटा, जिला बिलासपुर)
    अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है.

कोटा पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध शिकार जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल जानकारी पुलिस को दें.

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