हमर छत्तीसगढ़

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री पर खाद्य एवं औषधि विभाग की सख्त कार्रवाई

एमसीबी
 स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर नशीली दवाइयों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश भर में निरंतर छापामार कार्रवाइयां की जा रही हैं। विभाग में पदस्थ औषधि निरीक्षकों द्वारा मेडिकल स्टोर्स का सतत् निरीक्षण करते हुए शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समस्त प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की अनिवार्यता का भी परीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों के फुटेज की भी गहनता से जांच की जा रही है।

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इसी क्रम में जिला दुर्ग में पदस्थ खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा थाना पुलिस के संयुक्त दल द्वारा की गई छापेमारी में नशीली दवाइयों की अवैध खरीद-बिक्री में संलिप्त पाए जाने पर एक मेडिकल संचालक सहित चार व्यक्तियों के विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टेंसेस (NDPS) अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

इसी प्रकार, जिला सरगुजा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा प्राप्त शिकायत के आधार पर गर्भपात कराने वाली औषधियों के अवैध व्यापार में संलिप्त मेडिकल स्टोर्स के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा नियमावली 1945 के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई की गई है।

विगत सप्ताह औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला मुंगेली, बलौदाबाजार, महासमुंद, बालोद, रायपुर, कोंडागांव, रायगढ़, कोरबा, सुकमा, जांजगीर-चांपा तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में स्थित विभिन्न औषधि प्रतिष्ठानों से कुल 22 औषधियों के नमूने संकलित कर रायपुर स्थित कालीबाड़ी राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजे गए हैं।

इसके अतिरिक्त, धमतरी, बस्तर, दुर्ग, बिलासपुर, महासमुंद, बेमेतरा, कोरबा एवं गरियाबंद जिलों के औषधि निरीक्षकों द्वारा कोटपा अधिनियम 2003 की धारा 4 एवं 6 के अंतर्गत शिक्षण संस्थानों के समीप स्थित पान दुकानों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कुल 171 चालान काटे गए, जिसमें 10,380 रुपये की जुर्माना राशि वसूल की गई।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आमजन की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए नशीली दवाओं की अवैध बिक्री एवं औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु यह सतत् अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।

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