खेल

बल्लेबाज नाथन मैकस्वीनी ने ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम में वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी

मेलबॉर्न
बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में खराब प्रदर्शन के बावजूद सलामी बल्लेबाज नाथन मैकस्वीनी ने ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम में वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी है और उन्होंने कहा कि वह उस्मान ख्वाजा के संन्यास लेने के बाद टीम में उनकी जगह लेने की कोशिश करेंगे। मैकस्वीनी ने भारत के खिलाप शुरुआती तीन टेस्ट मैचों में ख्वाजा के साथ पारी की शुरुआत की, लेकिन निराशाजनक प्रदर्शन के कारण बॉक्सिंग डे टेस्ट में उनकी जगह सैम कोंस्टास को लिया गया। 19 वर्षीय कोंस्टास ने धमाकेदार अर्धशतक बनाकर शानदार आगाज किया। पाकिस्तान मूल के 38 वर्षीय क्रिकेटर ख्वाजा ने संकेत दिए हैं कि अगली गर्मियों में एशेज के बाद वह संन्यास ले सकते हैं।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

सिडनी मार्निंग हेराल्ड के अनुसार मैकस्वीनी ने कहा, ‘‘मुझे (टेस्ट टीम में वापस आना) अच्छा लगेगा, इसमें कोई संदेह नहीं है। उस्सी (उस्मान ख्वाजा) का प्रदर्शन शानदार रहा है लेकिन अगर मौका मिलता है और वह संन्यास लेते हैं तो मैं उनकी जगह लेना पसंद करूंगा।’’ मैकस्वीनी ने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू के संबंध में कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो मेरे पास इसके बारे में सोचने के लिए बहुत समय नहीं था। यह सब बहुत जल्दी हुआ। फिर मैं यहां टी20 क्रिकेट (बिग बैश लीग में) खेलने वापस आ गया।’’ मैकस्वीनी ने कहा कि वह अपने भविष्य को लेकर चयनकर्ताओं से बात करेंगे तथा वह किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपने खेल पर काम करना होगा और चयनकर्ताओं से बात करनी होगी कि मुझे कहां मौका मिल सकता है और वहां वापस आने के लिए मुझे क्या करने की जरूरत है।’’ मैकस्वीनी ने कहा, ‘‘मैं किसी भी स्थान पर बल्लेबाजी करने के लिए तैयार हूं। उम्मीद है कि एक दिन मैं फिर से टेस्ट क्रिकेट खेलूंगा।’’ घरेलू क्रिकेट में अधिकतर तीसरे या चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले मैकस्वीनी को टेस्ट क्रिकेट में सलामी बल्लेबाज के रूप में उतारा गया लेकिन भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के सामने उनकी एक नहीं चली और वह तीन मैच में केवल 14.40 के औसत से ही रन बना पाए। बुमराह ने उनका चार बार शिकार किया, जिसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।

Related Articles

Back to top button