मध्यप्रदेश

बड़े तालाब में अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, IAS का बंगला समेत 200 अवैध निर्माण चिन्हित

भोपाल
 राजधानी भोपाल की लाइफलाइन कहे जाने वाले बड़े तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई तेज हो गई है. प्रशासन ने सर्वे के बाद बड़ा तालाब के एफटीएल (फुल टैंक लेवल) और 50 मीटर दायरे में बने करीब 200 अवैध निर्माणों को चिन्हित कर लिया है, जिनमें एक आईएएस के बंगले के साथ 150 से अधिक झुग्गियां भी शामिल हैं।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

अलग से एडिशनल कलेक्टर तैनात करने की मांग
बड़े तालाब के सीमांकन के बीच भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने साफ कहा है कि "तालाब क्षेत्र में बने किसी भी अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह धार्मिक स्थल ही क्यों न हो. उन्होंने तालाब संरक्षण और अतिक्रमण हटाने के लिए अलग से एडिशनल कलेक्टर तैनात करने की मांग भी की है।

'प्रभावशाली लोगों के खिलाफ भी होगी कार्रवाई'
सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि "भोपाल का बड़ा तालाब इस शहर की जीवनरेखा है. करीब 1100 वर्ष पहले राजा भोज ने इसका निर्माण कराया था और आज भी शहर की आधी से ज्यादा आबादी इसी तालाब के पानी पर निर्भर है. तालाब के एफटीएल क्षेत्र और आसपास किसी भी तरह का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा. यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति ने भी नियमों का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

'बड़े तालाब को लेकर मुख्यमंत्री से करेंगे चर्चा'
सांसद आलोक शर्मा ने बताया कि "इस मुद्दे को लेकर वे जल्द ही मुख्यमंत्री से भी चर्चा करेंगे. साथ ही समय-समय पर समीक्षा बैठक कर तालाब संरक्षण की कार्रवाई को तेज किया जाएगा." उन्होंने कलेक्टर भोपाल से कहा है कि "प्रशासनिक कार्यों के बढ़ते दबाव को देखते हुए तालाब संरक्षण के लिए अलग से एक एडिशनल कलेक्टर की जिम्मेदारी तय की जाए और अतिक्रमण हटाने के लिए अलग दस्ता बनाया जाए।

सीमांकन में सामने आए 200 अवैध निर्माण
बड़े तालाब की सीमांकन प्रक्रिया इन दिनों लगातार जारी है. संत हिरदाराम नगर तहसील के राजस्व अमले ने गुरुवार को ग्राम लाउखेड़ी, बोरवन और बेहटा में एफटीएल और 50 मीटर दायरे का सीमांकन किया. इस दौरान करीब 150 से अधिक झुग्गियां चिन्हित की गईं, जिन पर अमले ने लाल निशान लगाए. सीमांकन के दौरान कुछ रहवासियों ने विरोध भी किया, लेकिन अधिकारियों ने टीएंडसीपी के नक्शे और एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कार्रवाई पूरी कराई।

कई क्षेत्रों में हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार बड़े तालाब के सीमांकन की प्रक्रिया एक सप्ताह पहले वीआइपी रोड क्षेत्र से शुरू हुई थी. होली के अवकाश के कारण इसे बीच में रोका गया था, जिसे अब दोबारा शुरू किया गया है. गुरुवार को राजस्व, वन विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने टीएंडसीपी के नक्शे के अनुसार एफटीएल और 50 मीटर दायरे का सीमांकन किया. अमले ने ग्राम बोरवन में करीब 100 झुग्गियों पर लाल निशान लगाए, जबकि ग्राम बेहटा के ओल्ड डेयरी फार्म क्षेत्र में 60 से 70 झुग्गियां चिन्हित की गईं. इसके अलावा वीआइपी रोड, खानूगांव और हलालपुर क्षेत्र में भी कई निर्माण इस दायरे में पाए गए हैं।

वीआईपी रोड से गांवों तक अतिक्रमण
राजस्व अमले ने वीआईपी रोड, खानूगांव, हलालपुर, लाउखेड़ी, बोरवन और बेहटा में सीमांकन करते हुए करीब 200 निर्माण चिन्हित किए हैं. इनमें केके हाउस, सुपर बिल्डर, कोचिंग सेंटर, शासकीय बंगला, गुलबाग लॉन, एक आईएएस का बंगला, चादर शेड और बड़ी संख्या में झुग्गियां शामिल हैं।

संत हिरदाराम नगर एसडीएम रविशंकर राय ने बताया कि "बड़े तालाब की सीमाएं चिन्हित करने की कार्रवाई लगातार जारी है. जिन निर्माणों पर लाल निशान लगाए गए हैं, उन पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Back to top button