मध्यप्रदेश

बजट से पहले बड़ा उधारी का आंकड़ा: 11 महीने में 72,900 करोड़, अब और 5,600 करोड़ लेने की तैयारी

भोपाल 

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली राज्य सरकार चालू वित्त वर्ष में कर्ज का नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही है। मंगलवार को विधानसभा में तीसरा अनुपूरक बजट पेश किए जाने के साथ ही सरकार बाजार से 5,600 करोड़ रुपये और उधार उठाने जा रही है। इसके बाद 11 माह में लिया गया कुल कर्ज बढ़कर 72,900 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा, जो अब तक का सर्वाधिक स्तर माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इन निवेशों से राजस्व सृजन करने वाली परिसंपत्तियां विकसित हुई हैं, जिससे दीर्घकाल में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। 

चार चरणों में लिया जाएगा कर्ज
सरकार चार अलग-अलग अवधियों के लिए ऋण जुटाएगी। इसमें 1,200 करोड़ रुपये आठ वर्ष के लिए, 1,400 करोड़ रुपये तेरह वर्ष के लिए, 1,600 करोड़ रुपये उन्नीस वर्ष के लिए और 1,400 करोड़ रुपये तेईस वर्ष के लिए जाएगा। इन सभी ऋणों का भुगतान अर्धवार्षिक किस्तों में किया जाएगा। वित्त विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।  फरवरी माह में लगातार तीसरे सप्ताह कर्ज लिया जा रहा है। इसी महीने अब तक कई किश्तों में उधारी ली जा चुकी है। 10 फरवरी को 5,000 करोड़ और 3 फरवरी को 5,200 करोड़ रुपये बाजार से जुटाए गए थे। नए ऋण के बाद चालू वित्त वर्ष में कुल उधार की संख्या 40 तक पहुंच जाएगी। राशि जुटाने के लिए राज्य सरकार प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की नीलामी करेगी। यह प्रक्रिया 17 फरवरी 2026 को मुंबई स्थित भारतीय रिजर्व बैंक के फोर्ट कार्यालय में आयोजित होगी। बोली प्रक्रिया आरबीआई के ई-कुबर (Core Banking Solution) प्लेटफॉर्म पर सुबह 10:30 से 11:30 बजे के बीच पूरी की जाएगी। प्रतिभूतियां न्यूनतम 10,000 रुपये के अंकित मूल्य पर जारी की जाएंगी। 

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