मध्यप्रदेश

बिहार में भाजपा का हमला: हितानंद शर्मा मोर्चा संभालने पहुंचे, CM मोहन यादव को मिलेगा परिवारवाद का जवाब

भोपाल
कुछ दिनों बाद होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में मैदानी तैयारी को अंतिम रूप देने में सहयोग के लिए मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा सहित कई अन्य नेता बिहार पहुंच गए हैं। इन्हें अलग-अलग अंचलों में संगठन के कामकाज की जिम्मेदारी मिली है। हितानंद के अलावा कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग, प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया, सांसद अनिल फिरोजिया, विष्णु दत्त शर्मा, गजेंद्र पटेल और पूर्व सांसद केपी यादव को बिहार चुनाव में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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बिहार नहीं पहुंचे हैं प्रहलाद पटेल
ये सभी नेता बिहार में संगठनात्मक मोर्चों पर तैनात रहेंगे। माता जी के स्वास्थ्य कारणों से प्रहलाद पटेल बिहार नहीं पहुंचे हैं लेकिन बाकी नेताओं ने वहां मोर्चा संभाल लिया है। आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक रहे हितानंद को इससे पहले भी महाराष्ट्र, गुजरात सहित कई राज्यों में चुनाव के दौरान भाजपा ने अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी थीं। उधर, ओबीसी वर्ग से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे नेताओं का कार्यक्रम भी संगठन जल्द तैयार कर रहा है। बिहार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हाल ही में हुई प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में मध्य प्रदेश के नेता भी शामिल हुए थे। मध्य प्रदेश के नेताओं में से विशेष रूप से ओबीसी, एससी-एसटी वर्ग के नेताओं पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है।

परिवारवाद का जवाब डॉ. मोहन यादव के चेहरे से देगी भाजपा
भाजपा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और दिल्ली के विधानसभा चुनावों के बाद बिहार विधानसभा चुनाव में यादव चेहरे के रूप में प्रस्तुत करेगी। आरजेडी के लालू यादव के परिवारवाद के विरुद्ध भाजपा डॉ. मोहन यादव को एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में प्रस्तुत करेगी। डॉ. मोहन यादव की अलग शैली उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के लिए चुनौती बनी तो अब बिहार में लालू यादव के परिवार की राह मुश्किल कर सकती है।

ओबीसी वर्ग को साधने की चुनौती संभालेंगे शिवराज
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान इन दिनों बिहार में अच्छी पहचान बना रहे हैं। मखाने की खेती को प्राथमिकता देते हुए इसके किसानों के लिए बेहतरीन प्रयास कर उन्होंने अपनी अच्छी छवि बना ली है। शिवराज सिंह चौहान की किसान और गरीबों के लिए संवेदनशील छवि का लाभ बिहार में भाजपा उठा सकती है। ओबीसी वर्ग में वोटों को ध्रुवीकरण न हो, इसकी जिम्मेदारी शिवराज सिंह संभालेंगे।

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