मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश के इंदौर में बीजेपी नेता मोनू कल्याणे की गोली मारकर हत्या कर दी, कैलाश विजयवर्गीय के करीबी थे

नई दिल्ली
मध्य प्रदेश के इंदौर में बीजेपी नेता मोनू कल्याणे की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। मोनू कल्याणे कैलाश विजयवर्गीय के करीबी थे। मामला पुरानी रंजीश का बताया जा रहा है। जानकारी के मुातबिक दो लोग मोनू को गोली मारकर फरार हो गए जिससे उनकी मौत हो गई। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

जानकारी के मुताबिक मोनू कल्याणे को गोली एमजी रोड थाना क्षेत्र के चिमनबाग इलाके में मारी गई। गोली मारने वालों की पहचान पीयूष और अर्जुन के तौर पर हुई है। मोनू कल्याणे को गोली लगने के बाद उन्हें तुरंत साथी अस्पताल में ले जाया गया जहां ड़क्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना शनिवार रात की बताई जा रही है। मोनू कल्याणे भगवा यात्रा की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान दोनों आरोपी बाइक पर बैठकर वहां आ गए और मोनू से कुछ बात करने लगे। बताया जा रहा है कि अचानक उनकी बात बहस में बदल गई और बाइक के पीछे बैठे अर्जुन ने पिस्टल निकालकर मोनू पर गोली चला दी। इसके बाद दोनों आरोपी तुरंत वहां से फरार हो गए। फरार होने के दौरान अर्जुन और पीयूष ने मोनू के दोस्तों पर भी गोली चलाई लेकिन वे लोग बच गए।

कौन थे मोनू कल्याणे?
मोनू कल्याणे भारतीय जनता युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष थे। वह कैलाश विजयवर्गीय के बेहद करीबी माने जाते थे। उन्होंने उनके लिए और गोलू शुक्ला के लिए चुनावों में काम भी किया था। मोनू हर साल भगवा यात्रा निकालते थे। इस बार भी वह इस यात्रा को निकालने की तैयारी करते थे। इसी दोरान आरोपियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी जिससे उनकी मौत हो गई। मोनू के परिवार में उनकी पत्नी, दो बच्चे, बड़ा भाई और माता पिता है। घटना के बाद से ही इलाके में तनाव बना हुआ है।

जगह-जगह दबिश दे रही पुलिस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने बताया शनिवार रात को घटना उस वक्त हुई जब मोनू भगवा यात्रा के लिए जगह-जगह पोस्टर लगवा रहे थे। इसी दौरान दोनों बाइक सवार बदमाश वहां पहुंचे और मोनू से बात करने लगे। इस बीच बाइक पर पीछे बैठे अर्जुन ने पिस्टल निकाली और मोनू पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पीयूष और अर्जुन को इस मामले में नामजम कर लिया है। बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी मिलने पर कैलाश विजयवर्गीय भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

 

Related Articles

Back to top button