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छत्तीसगढ़-गौरेला पेंड्रा मरवाही में सटोरियों को सिम सप्लाई करने वाले छह आरोपी गिरफ्तार, बैंक खाते भी किराये पर देते थे

गौरेला पेंड्रा मरवाही.

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गौरेला पेंड्रा मरवाही पुलिस ने स्काई एक्सचेंज राजा रानी ऐप के जरिए ऑनलाइन आईपीएल सट्टा खिलाने वालों को सिम सप्लाई व किराये पर बैंक खाते देने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, गैंग के सरगना अभी तक फरार है। उसका मोबाइल जब्त किया गया। मोबाइल से मिली जानकारियों के आधार पर जीपीएम पुलिस ने सटोरियों को किराये पर अपने खातों का उपयोग करने को देने वाले और सट्टे का पैसा खाते में लेने वाले युवको को गिरफ्तार किया है।

इन युवकों के खाते में आई रकम ट्रैक करने बुकी को फर्जी तरीके से मिले सिम नंबर को अपने खातों में लिंक करा रखा था, ताकि सट्टे में मिलने वाले पैसों की जानकारी मिल सके। सट्टे की रकम के लिए किराये से लिये गए खाते की पासबुक, चेकबुक और एटीएम भी ये अपने पास रख लिया करते हैं। सट्टा खिलाने वाले बदले में कभी पांच हजार तो कभी दस हजार रुपये इनको दिया करते हैं। वहीं, जब सट्टा खिलाने वाले रितेश सुल्तानिया निवासी पेंड्रा बजरंग चौक के द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे नंबरों की जानकारी ली, तब साइबर सेल की टीम ने लोकेट करते हुए पेंड्रा के एक युवक के पास पहुंची, जिसे उसके नाम से सिम जारी होने का जरा भी इल्म नहीं था। उसने बताया कि पेंड्रा का एक युवक योगेश देवांगन कुछ माह पहले पीएनबी बैंक के पास सिम बेचने का स्टाल लगाया था, जहां एक माह के लिए अनलिमिटेड डाटा इत्यादि जैसे लुभावने ऑफर्स के साथ वह सिम बेच रहा था। युवक जब योगेश देवांगन के स्टाल गया तो योगेश ने दो बार उससे थंब इंप्रेशन की पंचिंग और फोटो करवाई, जिसमें पहली बार एक्टिवेशन न हो पाने की बात कही। फिर युवक को एक सिम देकर दो दिन बाद चालू हो जाएगा कहकर भेज दिया, जो बाद में एक्टिवेट भी नहीं हुआ।

उसके बयान के आधार पर योगेश देवांगन को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह इसी तरह स्टाल में आए भोले-भाले ग्राहकों के नाम सिम एक्टिवेट करने के बहाने सट्टा खिलानेवालों के लिए सिम पोर्ट कर देता है और इस तरह आम ग्राहकों की आईडी कार्ड भ्रमित करके सिम अलॉट करके हासिल करता है, जिससे वह आज तक हजारों सिम एक्टिवेट कर चुका है। उसके बताए अनुसार रितेश सुलतानिया समेत कुछ अन्य सट्टे का कारोबार करने वाले इससे सिम खरीदते हैं, जिसे वह 150 से 200 रुपये प्रति सिम लाभ कमाकर बेच देता है। फिलहाल जीपीएम पुलिस आरोपी योगेश को पुलिस रिमांड लेकर और पूछताछ कर रही है, जिसमें योगेश के अन्य फर्जी सिम के खरीददारों के नाम सामने आने की संभावना है। बहरहाल पुलिस ने कुल छह आरोपियों को गिरफ्तारी किया है, जिनसे बरामद हुए कई मोबाइल, सटोरियों के कई सिम और उनसे जुड़ी बैंक जानकारियां पुलिस टटोल रही है। योगेश देवांगन की पुलिस रिमांड और अन्य सभी पांच आरोपियों पर ठगी कूट रचना आपराधिक षडयंत्र समेत आईटी एक्ट की धाराओं में कार्यवाही करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

वहीं, मामले में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। अब तक पकड़े गए कुल आरोपी हर्ष जायसवाल और प्रकाश केवट को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अभी पुलिस ने अजय यादव निवासी जनपद कार्यालय के पास पतगंवा पोस्ट, थाना पेंड्रा जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही, जितेन्द्र कुमार सोनवानी निवासी बड़का मोहल्ला ग्राम बरवासन थाना गौरेला जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही, राज कुमार कश्यप निवासी ग्राम कुडकई पोस्ट थाना पेंड्रा जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही, राहुल कोरी निवासी डाईट कॉलोनी पेंड्रा जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही, अनुराग सोनी निवासी ग्राम बंधी थाना पेंड्रा जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही और योगेश देवांगन निवासी सकर्रा स्कूल पारा पोस्ट/थाना मालखरौदा जिला सक्ती।

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