स्वास्थ्य

वजन कम करने के लिए चावल का सेवन: क्या इसे पूरी तरह छोड़ना सही है?

हम वेट लॉस से जुड़े कई मिथ को आसानी से यकीन कर लेते हैं, एक ऐसा ही मिथक चावल से जुड़ा है. हम अक्सर सुनते हैं कि राइस खाने से वजन बढ़ जाता है. यही वजह है कि जो लोग अपने पेट और कमर की चर्बी को कम करना चाहते हैं वो डेली डाइट से चावल को पूरी तरह आउट कर देते हैं. हालांकि फिटनेस कोच सिमरन ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में बताया है कि ये बात बिल्कुल सच नहीं है. वजन कम करने से जुड़े इस मिथक को तोड़ने और इसे आसान और दिलचस्प तरीके से समझाने के लिए, फिटनेस कोच ने वीडियो में चावल का किरदार निभाया है और न्यूट्रीशन से जुड़े फैक्ट्स को शेयर किया है.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

वेट लॉस जर्नी में चावल खाना सही है?

फिटनेस विशेषज्ञ ने कैप्शन में लिखा है, "क्या मैं अपने फैट लॉस जर्नी में चावल खा सकती/सकता हूं? ये सबसे आम तौर पर पूछा जाने वाला सवाल है. हां, आप खा सकते हैं, चावल से मोटापा नहीं बढ़ता. ज्यादा चावल या कोई भी खाने की चीज ज्यादा खाने से मोटापा बढ़ता है. आपको चावल या किसी चीज से डरने की जरूरत नहीं है. आपको बस अपने खाने के सेलेक्शन को लेकर स्मार्ट होना है."

चावल का वजन से क्या है रिश्ता?

चावल सीधे तौर पर वजन बढ़ने से जुड़ा नहीं है, हालांकि, चावल या उसी तरह की किसी अन्य खाने की चीज को ज्यादा खाने से वजन बढ़ सकता है. आगे कैप्शन में, फिटनेस कोच बताती हैं कि बिना किसी गिल्ट या चिंता के चावल का लुत्फ उठाने के लिए, सबसे पहले "लंच/डिनर बैठने से 10-12 मिनट पहले एक गिलास पानी या छाछ पिएं. फिर सलाद खाएं, और उसके बाद अपना दाल चावल खाएं. चावल के साथ क्वांटिटी कंट्रोल को फॉलो करें, और ज्यादा दाल और दही का सेवन करें."
वेट लॉस टिप्स
सिमरन ने अपने कैप्शन में लिखा, "धीरे-धीरे खाएं और हर निवाले का लुत्फ उठाएं, आप खाना खाते समय टीवी या फोन देखने से बचें. इससे आप ज्यादा नहीं खाएंगे. मेरा भरोसा करें, चावल खाने से आपको डायबिटीज नहीं होगा लेकिन ज्यादा खाने और फिजिकली इनएक्टिव रहने से होगा." एक्टिव रहने पर ध्यान दें, अपने शरीर को मूव करें, बैलेंस्ड डाइट लें, और इंटरनेट पर देखी हर चीज से डरना बंद करें, आजकल कॉमन सेंस बेचने से ज्यादा डर बेचना आसान है. अपनी जेनरल नॉलेड इस्तेमाल करना शुरू करें, ज्यादा सक्रिय रहें और अपनी लाइफस्टाइल में सुधार करें."

Related Articles

Back to top button