मध्यप्रदेश

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में खुलासा, इस साल अब तक चिकनगुनिया के मामले डेंगू से ज्यादा

 भोपाल

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

 भोपाल शहर में चिकनगुनिया ने डेंगू का पीछे छोड़ दिया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस साल अब तक चिकनगुनिया के मामले डेंगू से ज्यादा हैं। इसकी पॉजिटिविटी दर तीन गुना तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञ इसे कम रिपोर्टिंग का संकेत मानते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार इस साल अब तक चिकनगुनिया के 51 मरीज सामने आए हैं, जबकि डेंगू के 45 मामले हैं। पिछले तीन हफ्तों में चिकनगुनिया के केवल 192 टेस्ट किए गए, जिनमें तीन नए पॉजिटिव मामले सामने आए, वहीं डेंगू के 546 टेस्ट हुए और सिर्फ तीन नए मामले मिले।

2.47 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर

आंकड़ों के अनुसार, चिकनगुनिया बढ़ने की दर 7.02 प्रतिशत रही, जबकि डेंगू के बढ़ने की दर केवल 2.47 प्रतिशत रही। इससे यह अंदेशा मजबूत होता है कि चिकनगुनिया के कई मामले परीक्षण के बाहर छूट रहे हैं, यानी कम रिपोर्टिंग हो रही है। 28 जून को अंतिम सप्ताह में भी यही प्रवृत्ति दिखी। तब डेंगू के 272 जांच में से नौ ग्रस्त पाए गए। यानी 1.14 प्रतिशत डेंगू के मामले बढ़े। चिकनगुनिया की 57 जांच हुई और तीन संक्रमित पाए गए।

ये हैं चिकनगुनिया के लक्षण

-अचानक तेज बुखार आना।
-गंभीर जोड़ों का दर्द होना।
-मांसपेशियों में दर्द दर्द और जकड़न होना।
-तेज और लगातार सिरदर्द होना।
-अत्यधिक थकान और कमजोरी होना।
-शरीर पर लाल चकत्ते, जो बुखार के कुछ दिनों बाद दिखाई देते हैं।
-कुछ लोगों को मतली, उल्टी, आंखों में लाली और सूजन भी हो सकती है।

स्वभाविक तौर से डेंगू की जांच अधिक हुई है और चिकनगुनिया की जांच कम हुई है। चिकनगुनिया के मामले डेंगू के मामलों से सिर्फ छह ज्यादा है। हम देखते हैं कि कहां चूक हुई है।– डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ, भोपाल

Related Articles

Back to top button