मध्यप्रदेश

उप-राष्ट्रपति धनखड़ करेंगे कृ‍षि उद्योग समागम 2025 का शुभारंभ

भोपाल
मध्यप्रदेश में "उद्योग एवं रोजगार वर्ष" के अंतर्गत "कृषि उद्योग समागम 2025" प्रदेश के कृषि क्षेत्र को उद्योग, नवाचार और निवेश से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल बनकर सामने आया है। त्रि-दिवसीय समागम का शुभारंभ आज नरसिंहपुर में कृषि उपज मंडी के समीप उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ करेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवसहित किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, सूक्ष्म,लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप, स्थानीय सांसद, क्षेत्रीय विधायक, जनप्रतिनिधि, कृषि उद्यमी, निर्यातक समूह के प्रतिनिधि, कृषि नवाचार कंपनियां, एफपीओ, किसान संगठन और बड़ी संख्या में किसान भाई उपस्थित रहेंगे। समागम 28 मई तक चलेगा।

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समागम से खुलेंगे रोजगार के नये द्वार
‘कृषि उद्योग समागम 2025’ का उद्देश्य प्रदेश की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन से जोड़ते हुए निवेश, नवाचार और नौकरियों के नए द्वार खोलना है। मध्यप्रदेश अब गेहूं, दलहन, तिलहन, दुग्ध उत्पादन से लेकर एग्री-टेक तक कृषि से जुड़ी संभावनाओं का राष्ट्रीय केंद्र बनता जा रहा है। नरसिंहपुर की तुअर दाल को "वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट" योजना के तहत राज्य की पहचान के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है, जो स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने की दिशा में सार्थक कदम है। यह समागम नीतिगत घोषणाओं को जमीनी क्रियान्वयन और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन में बदलने का सशक्त उदाहरण बनेगा।

शुगर उद्यमियों से मुख्यमंत्री करेंगे संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गन्ना उत्पादक किसानों के हित में शुगर इंडस्ट्री निवेशकों से संवाद करेंगे। निवेशकों को नरसिंहपुर अंचल में शुगर इंडस्ट्रीज की स्थापना और उसके संबंध में राज्य शासन की प्रोत्साहन नीतियों पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को हितलाभ प्रदान करेंगे और कृषि निवेश से जुड़े समूहों से भी संवाद करेंगे। नरसिंहपुर अंचल को चीनी उद्योग का केंद्र बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम होगा।

तकनीक व नवाचार का प्रदर्शन
समागम स्थल पर एग्री-हॉर्टी एक्सपो के तहत आधुनिक कृषि यंत्र, ड्रोन, एआई आधारित उपकरण, पॉलीहाउस, जैविक व नैनो उर्वरक, दुग्ध एवं गौशाला उत्पाद, और जल कृषि मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। प्राकृतिक व जैविक खेती के लाइव मॉडल भी लगाए जाएंगे। खेती, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात से जुड़े विषयों पर व्याख्यान आयोजित किए जायेंगे। इसके अलावा समागम में विषय विशेषज्ञों द्वारा किसानों को तकनीकी ज्ञान व परामर्श प्रदान करने के लिये औषधीय फसलों, एफपीओ और निर्यातकों के लिए विशेष नेटवर्किंग सेशन व संगोष्ठियाँ आयोजित की जाएंगी।

राज्य स्तरीय 90 स्टॉल
समागम में आठ विभागों द्वारा कृषि नवाचारों पर आधारित 90 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जो किसानों को आधुनिक तकनीक व सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे।नरसिंहपुर जिले के किसानों के नवाचारों को वीडियो क्लिप्स के माध्यम से भी प्रदर्शित किया जाएगा।

 

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