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संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत, 19 दिसंबर को सभी जिलों में करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

रायपुर

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं, लेकिन अब तक उन्हें किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिला है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है. लगातार झूठे वादों से त्रस्त NHM कर्मचारी अपने व्यथा बताने के लिए प्रदेश के सभी 33 जिला मुख्यालयों में 19 दिसंबर को प्रेस के माध्यम से प्रेस कांफ्रेंस करने का फैसला लिया है.

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी द्वारा बताया गया कि कोरोना कॉल में इन कर्मचारियों को कोरोना योद्धा का दर्जा दिया गया था, जो प्रदेश के आम जनता को आज भी मालूम हैं. उक्त कर्मचारियों द्वारा अपने जान को जोखिम में डाल कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के इन कर्मचारियों ने रात दिन काम करके प्रदेश की आम जनता की सेवा इलाज स्वास्थ्य व्यवस्था देखरेख लगन से किया था.

कोरोना योद्धा द्वारा अपनी व्यथा समस्याओं को आम जनता तक पहुंचाने के लिए सभी 33 जिलों प्रेस कांफ्रेस कर अपनी व्यथा को फिर से आम जनता को बताएंगे. पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारी द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिला अस्पतालों सहित मेडिकल कालेजों में 20 वर्षों से भी ज्यादा समय से अल्प वेतन एवं कम सुविधा के बावजूद प्रदेश के आम जनता को सेवा देते आ रहे हैं, एनएचएम संविदा कर्मचारियों के अच्छे कार्यों के कारण पुरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था गुणवत्ता में लगातार वृद्धि भी हो रहा है. अच्छे कार्यों के कारण इन अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक व्यवस्था पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा रहा है.

कर्मचारियों ने बताया कि उनका वेतन इतना काम है कि अपने परिवार के लालन-पालन दैनिक दिनचर्या की वस्तु खरीदने के लिए भी असमर्थ रहते हैं. खुद की जान को जोखिम में डालकर इन कर्मचारियों ने कोरोना कॉल प्रदेश की जनता की सेवा किया हैं जो आज भी आम जनता के दिलों में बसी हुई है.

कुछ दिन पहले राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया के सामने इन कर्मचारियों के वेतन में 27 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की थी, लेकिन वह भी उन्हें नहीं मिली है. कर्मचारी लगातार प्रदेश के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा सहित सभी मंत्रियों को आवेदन देकर उन्हें अपना वादा याद दिलाते रहे हैं.

बता दें कि पिछली सरकार के 31 दिन के आंदोलन में इन कर्मचारियों के मंच पर भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी डॉ. रमन सिंह, अरुण साव, विजय शर्मा, ओपी चौधरी, केदार कश्यप सहित अन्य प्रमुख नेता धरना स्थल पर आए थे और भाजपा सरकार बनने के 100 दिन के भीतर मामले के निराकरण करने की बात कही थी. इन कर्मचारियों ने भाजपा सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है और पूरे प्रदेश में इनकी संख्या 16 हजार से ज्यादा है.

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