मध्यप्रदेश

साइब्रर क्राइम मध्य प्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना, DGP ने तैयार किया खात्मे का ‘ब्लू प्रिंट’

भोपाल

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

 मध्य प्रदेश में साइबर क्राइम का मामला बढ़ता जा रहा है. इस बीच प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने नए साल पर पुलिस विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को एमपी में बढ़ रहे साइबर अपराध, नशा और यातायात दुर्घटना को गंभीर चुनौती बताते हुए साल 2025 में इन पर रोक लगाने की अपील की है.

डीजीपी का संदेश सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाणा ने साल 2025 के शुभकामना संदेश में मध्य प्रदेश पुलिस की दिशा तय करने के संकेत दे दिए हैं.

डीजीपी ने अपने संदेश में कहा, "साल 2024 मध्य प्रदेश पुलिस के लिए चुनौती पूर्ण रहा है लेकिन कई उल्लेखनीय उपलब्धियां भी पुलिस ने हासिल की हैं. मध्य प्रदेश में साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है". डीजीपी साल 2025 को लेकर पुलिस को टास्क भी दिया है.

डीजीपी ने कहा है कि मध्य प्रदेश में बढ़ रहे साइबर अपराध, नशा और यातायात दुर्घटना गंभीर चुनौती है. इन पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस की और अधिक सक्रियता जरूरी है. इसके अलावा आम लोगों में इसके बचाव हेतु "जागरूकता अभियान" भी निरंतर जारी रखने की आवश्यकता है.

अपराधों में तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाना चाहिए- डीजीपी

डीजीपी ने पुलिस विभाग को दिए अपने संदेश में कहा है कि पुलिस कर्मियों को अपने स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति भी जागरूक रहने की जरूरत है. इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा योग और ध्यान केंद्र के कार्यक्रम चलाए जाने की योजना है. डीजीपी कैलाश मकवाणा ने अपने संदेश में स्पष्ट किया है, "मेरी अपेक्षा है कि महिलाओं और बच्चों के प्रति संवेदनशीलता बरतते हुए उनके विरुद्ध घटित अपराधों में तत्काल कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए".

बता दें, हाल के दिनों में साइबर क्राइम की कई घटनाओं ने पुलिस-प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा था. जिसके बाद डीजीपी का यह कदम अहम माना जा रहा है.

Related Articles

Back to top button