मध्यप्रदेश

अंगदान परोपकार का सर्वोच्च उदाहरण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल
उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि अंगदान एक महान पुण्य कार्य है, जिससे न केवल किसी का जीवन बचाया जा सकता है, बल्कि यह मानवीय संवेदना और परोपकार का सर्वोच्च उदाहरण है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्व. श्री पूरन चौधरी को श्रद्धांजलि अर्पित की है और समाज से अंगदान को जीवनदायी संकल्प के रूप में अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अंगदान के प्रति बढ़ती जागरूकता, चिकित्सकों एवं मेडिकल स्टॉफ की कार्य कुशलता एवं आपसी समन्वय से अत्यंत ही सुखद परिणाम आ रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने जबलपुर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की पूरी टीम प्रशासन और पुलिस की कुशलता एवं तत्परता की सराहना की है।

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उल्लेखनीय है कि 5 मार्च को जबलपुर के श्री पूरन चौधरी कार्य स्थल पर दुर्घटनाग्रस्त हो गए, जिससे उन्हें गंभीर सिर की चोट आई। मेडिकल कॉलेज जबलपुर में भर्ती होने के बाद सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जरी विभाग में उनकी जांच की गई, जिसमें ब्रेन डेड की पुष्टि हुई। तत्पश्चात, चिकित्सकों ने परिजनों को अंगदान के महत्व की जानकारी दी, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।

डेढ़ माह में जबलपुर में आर्गन ट्रांसपोर्टेशन के लिये बनाये गये दो ग्रीन कॉरिडोर
इसके बाद, स्टेट ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन इंदौर को सूचित कर आवश्यक तैयारियाँ की गईं। कलेक्टर जबलपुर श्री दीपक सक्सेना के निर्देशानुसार ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, जिससे एक किडनी बॉम्बे हॉस्पिटल इंदौर और दूसरी बड़ेरिया मेट्रो हॉस्पिटल जबलपुर में जरूरतमंद मरीज को सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट की गई। इस संपूर्ण प्रक्रिया में डॉ. नवनीत सक्सेना, डॉ. अवधेश प्रताप सिंह कुशवाहा, डॉ. जितिन बजाज, डॉ. फनीन्द्र सिंह सोलंकी, अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, प्रशासन और पुलिस का सराहनीय योगदान रहा। अंगदाता स्व. पूरन चौधरी की पार्थिव देह को सम्मानपूर्वक उनके निवास स्थान पहुँचाया गया और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

 

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