मध्यप्रदेश

भोपाल में सेंट्रल विस्टा का डिजाइन फाइनल, एक हजार करोड़ रुपये में बनेगा स्टेट कैपिटल कांप्लेक्स

भोपाल
 नए सेंट्रल विस्टा (स्टेट कैपिटल कांप्लेक्स प्रोजेक्ट) का डिजाइन फाइनल हो गया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की बैठक में इस योजना के प्राथमिक स्वरूप पर सहमति दे दी गई है। बैठक में हाउसिंग बोर्ड को चार महीने यानी 30 जून के पहले इसकी डीपीआर फाइनल करने को कहा है। इसके तहत बोर्ड ने टेंडर के माध्यम से आर्किटेक्ट के रूप में फर्म मेसर्स सीपी कुकरेजा का चुनाव कर लिया है। प्रस्तावित नया प्रोजेक्ट लगभग एक हजार करोड़ रुपये का होगा।

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33 विभागों ने मांगी जगह

जीएडी ने सभी सरकारी विभागों को पत्र लिखकर उनकी ऑफिस की जरूरतों और स्थानांतरण को लेकर जानकारी मांगी थी। जीएडी को 58 विभागों के 84 कार्यालयों से पत्र प्राप्त हुआ है। 33 विभाग के 59 कार्यालय सेंट्रल विस्टा में स्थानांतरण के इच्छुक हैं। इन विभागों ने कुल एक लाख तीन हजार वर्ग मीटर जगह मांगी है। बाकी छह कार्यालय रेनोवेशन व प्रस्तावित भवन के कारण सहमत नहीं है। 19 अन्य के अपने स्वतंत्र और पर्याप्त ऑफिस हैं।

हाईटेक होगा ऑफिस

सूत्रों के मुताबिक जिन भी ऑफिस में रेनोवेशन या निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है, वहां काम रोका जा सकता है। किसी को भी नई जमीन आवंटित नहीं होगी। सभी को सेंट्रल विस्टा में ही जगह दी जाएगी। इस प्रोजेक्ट में सभी आधुनिक तकनीक और सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कॉर्पोरेट की तरह यह हाईटेक आफिस होगा।

12 नये टावर बनाने का प्लान

पुराने हो चुके सतपुड़ा और विंध्याचल भवन की जगह नया सेंट्रल विस्टा बनेगा। पुराने दोनों भवनों का निर्मित क्षेत्रफल 76,500 वर्ग मीटर है। नये सेंट्रल विस्टा में लगभग दोगुना यानी 1.60 लाख वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्रफल होगा। नई योजना में 12 नये टावर बनाने की योजना है।

ग्रीन एरिया और पार्किंग पर विशेष फोकस

पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए हरित क्षेत्र को 5.84 हेक्टेयर से बढ़ाकर 22.46 हेक्टेयर (लगभग चार गुना) किया जा रहा है। साथ ही अगले 50 वर्षों की जरूरतों को देखते हुए विशाल पार्किंग बनाई जाएगी। आम जनता की सुविधा के लिए मेट्रो स्टेशन से कवर्ड पाथ-वे, हाकर्स कार्नर और सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था भी इस मास्टर प्लान का हिस्सा है।

साझा छत से बिजली व शीतलता

प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता 12 टावरों को जोड़ने वाली एक साझा छत (परगोला) होगी। इससे न केवल परिसर का तापमान कम रहेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर सोलर ऊर्जा भी पैदा की जाएगी। हालांकि, साधिकार समिति ने इस पर आने वाले अतिरिक्त खर्च का विवरण मांगा है।

नागरिकों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट

    प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और आम नागरिकों की सुविधा के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। मप्र शासन की मंशा के अनुरूप बोर्ड इस पर तेजी से काम कर रहा है। – गौतम सिंह, कमिश्नर, एमपी हाउसिंग बोर्ड

 

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